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पूर्ति विभाग में कर्मचारियों का ‘अकाल’
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:20 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला पूर्ति विभाग में कर्मचारियों के कई पद खाली चल रहे हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, वरिष्ठ सहायक समेत अन्य पद रिक्त होने के कारण विभागीय कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि एक पूर्ति निरीक्षक के जिम्मे दो खाद्यान्न गोदामों की जिम्मेदारी है।
जिला पूर्ति विभाग में पूर्ति निरीक्षकों के कुल 26 पद स्वीकृत हैं। इनमें से नौ पद खाली चल रहे हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के तीन, वरिष्ठ सहायक का एक, सहायक लेखाकार का एक पद खाली चल रहा है। लिपिकों के कुल 12 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 10 पद रिक्त हैं।
पूर्ति निरीक्षकों की भारी कमी बनी है। स्थिति यह है कि एक पूर्ति निरीक्षक के जिम्मे दो खाद्यान्न गोदामों की जिम्मेदारी है। सोमेश्वर, कटारमल, द्वाराहाट, बग्वालीपोखर, जाजली, भनोली, दन्यां, ध्याड़ी, शहरफाटक, जैंती आदि क्षेत्रों में एक पूर्ति निरीक्षक दो गोदामों का काम देख रहा है। उत्तराखंड बनने के 16 साल बाद भी जिला पूर्ति विभाग की हालत नहीं सुधरी। अलग राज्य बनने के बाद विभाग में कर्मचारियों के खाली पदों पर नियुक्ति होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन आज खाली पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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किराए के भवनों में चल रहे हैं एक दर्जन खाद्यान गोदाम
जिले में कुल 22 राजकीय खाद्यान्न गोदाम हैं। इनमें से अल्मोड़ा, दन्यां, भतरौंजखान, सराईखेत, जाजली, भनोली, ध्याड़ी, बग्वालीपोखर, स्याल्दे, चौखुटिया, सौनी और रानीखेत स्थित खाद्यान्न गोदाम किराये के भवन में चल रहे हैं।
इनमें से कई गोदामों में काफी सीलन रहती है। इस कारण इन गोदामों में रखे जाने वाले राशन के खराब होने की आशंका बनी रहती है।
कर्मचारियों के रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर शासन को दी जाती है। इन पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से ही होती है।
- टीएन उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी अल्मोड़ा।
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जिला पूर्ति विभाग में पूर्ति निरीक्षकों के कुल 26 पद स्वीकृत हैं। इनमें से नौ पद खाली चल रहे हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के तीन, वरिष्ठ सहायक का एक, सहायक लेखाकार का एक पद खाली चल रहा है। लिपिकों के कुल 12 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 10 पद रिक्त हैं।
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पूर्ति निरीक्षकों की भारी कमी बनी है। स्थिति यह है कि एक पूर्ति निरीक्षक के जिम्मे दो खाद्यान्न गोदामों की जिम्मेदारी है। सोमेश्वर, कटारमल, द्वाराहाट, बग्वालीपोखर, जाजली, भनोली, दन्यां, ध्याड़ी, शहरफाटक, जैंती आदि क्षेत्रों में एक पूर्ति निरीक्षक दो गोदामों का काम देख रहा है। उत्तराखंड बनने के 16 साल बाद भी जिला पूर्ति विभाग की हालत नहीं सुधरी। अलग राज्य बनने के बाद विभाग में कर्मचारियों के खाली पदों पर नियुक्ति होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन आज खाली पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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जिले में कुल 22 राजकीय खाद्यान्न गोदाम हैं। इनमें से अल्मोड़ा, दन्यां, भतरौंजखान, सराईखेत, जाजली, भनोली, ध्याड़ी, बग्वालीपोखर, स्याल्दे, चौखुटिया, सौनी और रानीखेत स्थित खाद्यान्न गोदाम किराये के भवन में चल रहे हैं।
इनमें से कई गोदामों में काफी सीलन रहती है। इस कारण इन गोदामों में रखे जाने वाले राशन के खराब होने की आशंका बनी रहती है।
कर्मचारियों के रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर शासन को दी जाती है। इन पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से ही होती है।
- टीएन उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी अल्मोड़ा।