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Almora News: डिजिटल हाउस अरेस्ट के नाम पर 8.80 लाख की ठगी, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार

Sat, 25 Jul 2026 12:50 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sat, 25 Jul 2026 12:50 AM IST
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8.80 lakh fraud in the name of digital house arrest, accused arrested from Haryana
अल्मोड़ा। साइबर ठगों ने पुलिस और जांच एजेंसी का फर्जी अधिकारी बनकर आतंकवाद संबंधी झूठे मामले में फंसाने का खौफ दिखाया और एक व्यक्ति को डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखकर 8.80 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए साइबर ठग को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है।
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एसएसपी चंद्रशेखर घोडके ने बताया कि जीवन सिंह रावत निवासी ग्राम धारड़, थाना भतरौंजखान, अल्मोड़ा ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर आतंकवाद से जुड़े फर्जी मामले में नाम आने का भय दिखाया। आरोपियों ने जेल भेजने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और 8.80 लाख रुपये विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से ऐंठ लिए। इस मामले में भतरौंजखान थाने में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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विवेचना के दौरान आरोपी रंजोत सिंह निवासी ग्राम जगमलवाली, जिला सिरसा, हरियाणा का नाम सामने आया। थानाध्यक्ष भतरौंजखान अवनीश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्विलांस और साइबर टीम की मदद से आरोपी को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया।
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ऐसे बनाया डिजिटल हाउस अरेस्ट का शिकार
10 मार्च को पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला, जिसमें कॉलकर्ता ने खुद को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया। उसने फर्जी कोर्ट आदेश भेजकर गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से संपर्क कर वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित पर दबाव बनाया गया। पीड़ित को किसी से बात न करने और हर घंटे रिपोर्ट देने के लिए मजबूर किया गया। ठगों ने पीड़ित से गूगल पे खाता बनवाया और एसबीआई व यूनियन बैंक खातों से 18 से 31 मार्च के बीच नौ बार में कुल 8,80,000 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या साइबर सेल का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन पर पैसे की मांग करे, तो घबराएं नहीं और न ही पैसे ट्रांसफर करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। - चंद्रशेखर घोडके, एसएसपी, अल्मोड़ा
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