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15 किमी चलकर पहुंचे आंदोलनकारी सम्मानित से वंचित
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:23 PM IST
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जैंती (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने तहसील प्रशासन पर राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उनका अपमान करने का आरोप लगाया है।
राज्य स्थापना दिवस पर तहसील सभागार जैंती में आयोजित कार्यक्रम में तहसील प्रशासन की ओर से क्षेत्र के राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी अधिकारी उन्हें सम्मानित करने नहीं पहुंचा।
तहसील प्रशासन की ओर से राज्य स्थापना दिवस पर जैंती तहसील में आयोजित कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी रवींद्र सिंह बिष्ट, पूरन सिंह नगरकोटी को आमंत्रित किया गया था।
छाना खरकोटा से पहुंचे 52 वर्षीय रवींद्र सिंह बिष्ट 15 किमी पैदल चलकर और 65 वर्षीय राज्य आंदोलनकारी पूरन सिंह नगरकोटी खड़ियानौली से दस किमी पैदल चलकर जैंती तहसील पहुंचे थे। कार्यक्रम में आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाना था।
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राज्य आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में कोई भी अधिकारी उन्हें सम्मानित करने नहीं पहुंचा और न ही उन्हें उचित सम्मान दिया गया।
राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस पर हुए अपमान पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर राज्य आंदोलनकारियों का अपमान किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जैंती तहसील में आयोजित कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किए जाने की जिम्मेदारी जैंती के तहसीलदार को दी गई थी। तहसीलदार के पास जैंती के अलावा भनोली, लमगड़ा तहसीलों का भी चार्ज है। किसी कारणवश वह जैंती नहीं पहुंच पाए होंगे।
अवधेष कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जैंती (अल्मोड़ा)।
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राज्य स्थापना दिवस पर तहसील सभागार जैंती में आयोजित कार्यक्रम में तहसील प्रशासन की ओर से क्षेत्र के राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई भी अधिकारी उन्हें सम्मानित करने नहीं पहुंचा।
तहसील प्रशासन की ओर से राज्य स्थापना दिवस पर जैंती तहसील में आयोजित कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी रवींद्र सिंह बिष्ट, पूरन सिंह नगरकोटी को आमंत्रित किया गया था।
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छाना खरकोटा से पहुंचे 52 वर्षीय रवींद्र सिंह बिष्ट 15 किमी पैदल चलकर और 65 वर्षीय राज्य आंदोलनकारी पूरन सिंह नगरकोटी खड़ियानौली से दस किमी पैदल चलकर जैंती तहसील पहुंचे थे। कार्यक्रम में आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाना था।
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राज्य आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में कोई भी अधिकारी उन्हें सम्मानित करने नहीं पहुंचा और न ही उन्हें उचित सम्मान दिया गया।
राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस पर हुए अपमान पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर राज्य आंदोलनकारियों का अपमान किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जैंती तहसील में आयोजित कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किए जाने की जिम्मेदारी जैंती के तहसीलदार को दी गई थी। तहसीलदार के पास जैंती के अलावा भनोली, लमगड़ा तहसीलों का भी चार्ज है। किसी कारणवश वह जैंती नहीं पहुंच पाए होंगे।
अवधेष कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी जैंती (अल्मोड़ा)।