{"_id":"597384004f1c1bbc3d8b465d","slug":"81500742656-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसे पढ़ें बच्चे, नौ में से पांच शिक्षक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैसे पढ़ें बच्चे, नौ में से पांच शिक्षक नहीं
Updated Sat, 22 Jul 2017 10:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लमगड़ा (अल्मोड़ा)। मौजूदा शिक्षा सत्र में भी पहाड़ के कई दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं इन विषयों में लगातार पिछड़ रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
लमगड़ा विकासखंड के अंतर्गत जीआईसी मेरगांव में प्रवक्ताओं के नौ पद स्वीकृत है। इनमें से गणित, अंग्रेजी, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। एलटी संवर्ग में एक शिक्षक का पद रिक्त है। इस विद्यालय में धारखोला, मेरगांव, भानादयोली, उन्यूड़ा, डौटा समेत कई दूरस्थ गांवों से बच्चे पढ़ने आते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण उन्हें भारी दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
जीआईसी पीपली में भी शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। इस विद्यालय में प्रवक्ताओं के स्वीकृत 16 पदों के सापेक्ष छह पद खाली हैं। हिंदी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, संस्कृत, भौतिक विज्ञान, गणित प्रवक्ता नहीं होने से छात्र-छात्राएं लगातार पिछड़ रहे हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई चौपट है। ग्राम प्रधान हेमा रावत और अभिभावक चंदन सिंह आदि ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के संबंध में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन खाली पद आज तक नहीं भरे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
लमगड़ा विकासखंड के अंतर्गत जीआईसी मेरगांव में प्रवक्ताओं के नौ पद स्वीकृत है। इनमें से गणित, अंग्रेजी, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। एलटी संवर्ग में एक शिक्षक का पद रिक्त है। इस विद्यालय में धारखोला, मेरगांव, भानादयोली, उन्यूड़ा, डौटा समेत कई दूरस्थ गांवों से बच्चे पढ़ने आते हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण उन्हें भारी दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
विज्ञापन
जीआईसी पीपली में भी शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। इस विद्यालय में प्रवक्ताओं के स्वीकृत 16 पदों के सापेक्ष छह पद खाली हैं। हिंदी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, संस्कृत, भौतिक विज्ञान, गणित प्रवक्ता नहीं होने से छात्र-छात्राएं लगातार पिछड़ रहे हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई चौपट है। ग्राम प्रधान हेमा रावत और अभिभावक चंदन सिंह आदि ने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी के संबंध में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन खाली पद आज तक नहीं भरे गए हैं।
विज्ञापन