{"_id":"596b9eb04f1c1b21658b4649","slug":"81500225200-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल भवनों का निर्माण पूरा करने को 4.55 करोड़ का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल भवनों का निर्माण पूरा करने को 4.55 करोड़ का इंतजार
Updated Sun, 16 Jul 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। सरकारी इंटर कालेजों में बच्चों को संसाधन उपलब्ध कराने में सरकार और शिक्षा विभाग नाकाम साबित हो रहा है। जिले में तीन साल बाद भी सात राजकीय इंटर कालेजों के भवन अपूर्ण हैं। इन स्कूल भवनों का निर्माण करीब 10.45 करोड़ से होना है, लेकिन शेष 4.55 करोड़ रुपये अब तक शासन से नहीं मिले हैं। इस कारण भवनों का काम अधर में लटक गया है। जिससे इन स्कूलों के पुराने भवनों में बच्चों के अध्ययन के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
2014 में सरकार ने धौलादवी ब्लॉक में जीआईसी गुरुड़ाबांज (96.08 लाख), आरा सल्पड़ (1.34 करोड़), खेती (1.13करोड़), दन्यां (1.66करोड़), भेटाबड़ौली (1.93 करोड़), लमगड़ा विकासखंड में जीआईसी मेरगांव (2.02 करोड़), चौड़ा-आनुली (1.38 करोड़) के भवनों को स्वीकृति दी। शासन से इन स्कूल भवनों के लिए टोकन मनी के रूप में कुल 5.89 करोड़ रुपये भी अवमुक्त किए। शिक्षा विभाग ने निर्माण कार्य के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग को एजेंसी नामित किया।
इसके बाद ग्रामीण निर्माण विभाग ने स्कूल भवनों के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की और कार्य प्रारंभ किया गया। टोकन मनी के रूप में जीआईसी गुरुड़ाबांज के लिए 61.36 लाख, आरा सल्पड़ के लिए 76.48 लाख, खेती के लिए 65.75, दन्यां के लिए 92.46 लाख, भेटाबड़ौली के लिए 105.06 लाख, मेरगांव के लिए 109.62 लाख, चौड़ा-आनुली के लिए 78.76 लाख रुपये मिले। विभाग इस धनराशि को स्कूल भवनों के निर्माण में खर्च कर चुका है, परंतु शेष कार्य पूरा करने के लिए अवशेष कुल 4.55 करोड़ रुपये की जरुरत है, परंतु पैसा अवमुक्त नहीं होने से स्कूल भवनों का निर्माण कार्य अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
2014 में सरकार ने धौलादवी ब्लॉक में जीआईसी गुरुड़ाबांज (96.08 लाख), आरा सल्पड़ (1.34 करोड़), खेती (1.13करोड़), दन्यां (1.66करोड़), भेटाबड़ौली (1.93 करोड़), लमगड़ा विकासखंड में जीआईसी मेरगांव (2.02 करोड़), चौड़ा-आनुली (1.38 करोड़) के भवनों को स्वीकृति दी। शासन से इन स्कूल भवनों के लिए टोकन मनी के रूप में कुल 5.89 करोड़ रुपये भी अवमुक्त किए। शिक्षा विभाग ने निर्माण कार्य के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग को एजेंसी नामित किया।
विज्ञापन
इसके बाद ग्रामीण निर्माण विभाग ने स्कूल भवनों के निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित की और कार्य प्रारंभ किया गया। टोकन मनी के रूप में जीआईसी गुरुड़ाबांज के लिए 61.36 लाख, आरा सल्पड़ के लिए 76.48 लाख, खेती के लिए 65.75, दन्यां के लिए 92.46 लाख, भेटाबड़ौली के लिए 105.06 लाख, मेरगांव के लिए 109.62 लाख, चौड़ा-आनुली के लिए 78.76 लाख रुपये मिले। विभाग इस धनराशि को स्कूल भवनों के निर्माण में खर्च कर चुका है, परंतु शेष कार्य पूरा करने के लिए अवशेष कुल 4.55 करोड़ रुपये की जरुरत है, परंतु पैसा अवमुक्त नहीं होने से स्कूल भवनों का निर्माण कार्य अधूरा है।
विज्ञापन