{"_id":"5b3a5f874f1c1b71578b4572","slug":"71530552199-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगारंग कार्यक्रमों के साथ बालरंग कार्यशाला का समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंगारंग कार्यक्रमों के साथ बालरंग कार्यशाला का समापन
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। नृसिंह कल्याण समिति सभागार में आयोजित दिशा बालरंग कार्यशाला का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया है। देर रात तक चले कार्यक्रमों में बच्चों द्वारा पेश हाफ पैंट नाटक और अन्य रंगारंग कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे।
बाल नाट्य प्रस्तुति हाफ पैंट में एक गरीब बच्चे की कहानी को आधार लेकर वर्तमान शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ आवाज उठाने का प्रयास किया गया। नाटक के कथानक में गरीब बच्चे के पास पैंट नहीं होने के कारण दोस्त और स्कूल के शिक्षक उसे प्रताड़ित करते हैं।
स्कूल के टूर की फीस जमा नहीं कर पाने के कारण प्रधानाचार्य हाफ पैंट को स्कूल के निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ कर देते हैं, परंतु अन्य बच्चे टूर पर जाने के प्रवेश पत्र फाड़कर विरोध करते हैं। अंत: में प्रधानाचार्य हाफ पैंट बच्चे को निशुल्क टूर में ले जाने को तैयार हो जाते हैं। नाटक का निर्देशन मोहित पांडे और सह निर्देशन उमाशंकर मेडी ने किया। नाटक में 27 बच्चों ने भागा लिया। संगीत गीतांक टम्टा, दानिश अली का था। हाफ पैंट बच्चे का अभिनय मनीष कांडपाल, उसकी मां का अभिनय विनीता खत्री, प्रधानाचार्य का महेंद्र सिंह महरा, जोकर का अभिनय ललित मोहन बिष्ट ने कर वाहवाही लूटी। इसके अलावा बच्चों ने गायन और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, विशिष्ट अतिथि नृसिंह कल्यण समिति के सचिव मनोज वर्मा थे। कार्यशाला संयोजक मनमोहन चौधरी ने बताया कि कार्यशाला 1992 से प्रतिवर्ष आयोजित की जा रही है। उन्होंने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। इस अवसर पर रमेश लाल, भास्कर आनंद तिवारी, चंद्रशेखर आर्य, मनोज बिष्ट, अमिता चौधरी, चंदन नेगी, मनीष कांडपाल, विनीता, खत्री, महेंद्र सिंह महरा, ललित मोहन बिष्ट, आदि मौजूद थे। संचालन नीरज सिंह पांगती ने किया।
विज्ञापन
बाल नाट्य प्रस्तुति हाफ पैंट में एक गरीब बच्चे की कहानी को आधार लेकर वर्तमान शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ आवाज उठाने का प्रयास किया गया। नाटक के कथानक में गरीब बच्चे के पास पैंट नहीं होने के कारण दोस्त और स्कूल के शिक्षक उसे प्रताड़ित करते हैं।
विज्ञापन
स्कूल के टूर की फीस जमा नहीं कर पाने के कारण प्रधानाचार्य हाफ पैंट को स्कूल के निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ कर देते हैं, परंतु अन्य बच्चे टूर पर जाने के प्रवेश पत्र फाड़कर विरोध करते हैं। अंत: में प्रधानाचार्य हाफ पैंट बच्चे को निशुल्क टूर में ले जाने को तैयार हो जाते हैं। नाटक का निर्देशन मोहित पांडे और सह निर्देशन उमाशंकर मेडी ने किया। नाटक में 27 बच्चों ने भागा लिया। संगीत गीतांक टम्टा, दानिश अली का था। हाफ पैंट बच्चे का अभिनय मनीष कांडपाल, उसकी मां का अभिनय विनीता खत्री, प्रधानाचार्य का महेंद्र सिंह महरा, जोकर का अभिनय ललित मोहन बिष्ट ने कर वाहवाही लूटी। इसके अलावा बच्चों ने गायन और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, विशिष्ट अतिथि नृसिंह कल्यण समिति के सचिव मनोज वर्मा थे। कार्यशाला संयोजक मनमोहन चौधरी ने बताया कि कार्यशाला 1992 से प्रतिवर्ष आयोजित की जा रही है। उन्होंने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। इस अवसर पर रमेश लाल, भास्कर आनंद तिवारी, चंद्रशेखर आर्य, मनोज बिष्ट, अमिता चौधरी, चंदन नेगी, मनीष कांडपाल, विनीता, खत्री, महेंद्र सिंह महरा, ललित मोहन बिष्ट, आदि मौजूद थे। संचालन नीरज सिंह पांगती ने किया।