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भूमि लीज पर देने का शासनादेश शीघ्र हो निरस्त
Updated Wed, 18 Oct 2017 09:39 PM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नानीसार में हिमांशु जिंदल एजूकेशनल सोसाइटी को लीज पर भूमि देने के शासनादेश को तत्काल निरस्त करने और प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया है कि 353 नाली भूमि ग्रामीणों की सहमति लिए बगैर अधिग्रहण कर हिमांशु जिंदल एजूकेशनल सोसाइटी को लीज पर देने का पूर्व सरकार ने शासनादेश जारी किया था। उन्होंने इस शासनादेश को निरस्त कर प्रकरण से जुड़े सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। पार्टी ने ग्रामीणों की जमीन पर अवैध कब्जे को संरक्षण देने वाले तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
इसके अलावा ग्रामीणों, राजनीतिक पार्टियों और संगठनों से जुड़े 381 लोगों पर दर्ज फर्जी मुकदमे भी रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, जीवन चंद्र, राजूगिरि, ललित वर्मा, अमीनुर्रहमान, राम प्रसाद, अनूप तिवारी, आनंदी वर्मा, गोपाल राम, आनंदी मनराल आदि शामिल थीं।
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ज्ञापन में आरोप लगाया है कि 353 नाली भूमि ग्रामीणों की सहमति लिए बगैर अधिग्रहण कर हिमांशु जिंदल एजूकेशनल सोसाइटी को लीज पर देने का पूर्व सरकार ने शासनादेश जारी किया था। उन्होंने इस शासनादेश को निरस्त कर प्रकरण से जुड़े सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। पार्टी ने ग्रामीणों की जमीन पर अवैध कब्जे को संरक्षण देने वाले तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
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इसके अलावा ग्रामीणों, राजनीतिक पार्टियों और संगठनों से जुड़े 381 लोगों पर दर्ज फर्जी मुकदमे भी रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन भेजने वालों में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, जीवन चंद्र, राजूगिरि, ललित वर्मा, अमीनुर्रहमान, राम प्रसाद, अनूप तिवारी, आनंदी वर्मा, गोपाल राम, आनंदी मनराल आदि शामिल थीं।
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