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आधार नंबर जुटाने को पोस्टकार्ड का सहारा
Updated Mon, 07 Aug 2017 10:56 PM IST
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अल्मोड़ा। सरकार ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पेंशन लेने वाले जरूरतमंदों के आधार नंबर बैंक खाते से लिंक कराने अनिवार्य कर रखे हैं, लेकिन जिले के कुल 68580 पेंशन पाने वाले लाभार्थियों में से नब्बे फीसदी लाभार्थियों के ही अब तक आधार लिंक हो पाए हैं। दस प्रतिशत लाभार्थियों के आधार लिंक नहीं हुए हैं, जिससे चलते उन्हें अक्तूबर से पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे लोगों के आधार नंबर जुटाने के लिए अब समाज कल्याण विभाग पोस्टकार्ड का सहारा ले रहा है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली, किसान, बौना पेंशन का लाभार्थी को हर तिमाही भुगतान किया जाता है। जिले में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से करीब 68580 पात्र लाभार्थी पेशन पाते हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 47814, विधवा पेंशन के 13275, दिव्यांग और तीलू रौतेली के 5480, किसान पेंशन के 1500, परित्यागता के 508, बौना पेंशन के तीन लाभार्थी शामिल हैं। जिन्हें एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। सरकार ने पेंशनरों के बैंक खातों से आधार नंबर को लिंक कराने पर ही पेंशन भुगतान का नियम बनाया है।
सरकार के निर्देश के बाद गत वर्ष करीब 70 फीसदी ने आधार नंबर लिंक करा दिए थे। इसके बाद विभाग ने ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह शिविर लगाए और घर-घर अभियान चलाया गया। जिसमें विभाग के कार्मिकों ने गांव-गांव जाकर लाभार्थियों से आधार नंबर एकत्र किए तो यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंच गया, लेकिन कई लाभार्थियों के बाहर होने और कई के आधार कार्ड नहीं बनने के कारण आधार नंबर बैंक खातों से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे करीब 10 फीसदी लाभार्थियों की पेंशन अक्तूबर से रुकी पड़ी है।
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ऐसे लोगों के आधार नंबर जुटाने के लिए अब विभाग पोस्टकार्ड का सराहा ले रहा है। विभाग द्वारा लाभार्थी के पते पर दो पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं। एक पोस्टकार्ड में उसे आधार नंबर भेजने को कहा जा रहा है, जबकि दूसरे पोस्टकार्ड में लाभार्थी को आधार नंबर सहित अन्य जानकारियां भरकर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को भेजनी होंगी। इधर जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव नयन तिवारी ने बताया कि वंचित लाभार्थी अपना आधार नंबर 15 अगस्त तक विभाग के पास भेज सकते हैं, ताकि उनकी रुकी हुई पेंशन शुरू हो सके।
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समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, तीलू रौतेली, किसान, बौना पेंशन का लाभार्थी को हर तिमाही भुगतान किया जाता है। जिले में समाज कल्याण विभाग के माध्यम से करीब 68580 पात्र लाभार्थी पेशन पाते हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 47814, विधवा पेंशन के 13275, दिव्यांग और तीलू रौतेली के 5480, किसान पेंशन के 1500, परित्यागता के 508, बौना पेंशन के तीन लाभार्थी शामिल हैं। जिन्हें एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। सरकार ने पेंशनरों के बैंक खातों से आधार नंबर को लिंक कराने पर ही पेंशन भुगतान का नियम बनाया है।
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सरकार के निर्देश के बाद गत वर्ष करीब 70 फीसदी ने आधार नंबर लिंक करा दिए थे। इसके बाद विभाग ने ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह शिविर लगाए और घर-घर अभियान चलाया गया। जिसमें विभाग के कार्मिकों ने गांव-गांव जाकर लाभार्थियों से आधार नंबर एकत्र किए तो यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंच गया, लेकिन कई लाभार्थियों के बाहर होने और कई के आधार कार्ड नहीं बनने के कारण आधार नंबर बैंक खातों से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे करीब 10 फीसदी लाभार्थियों की पेंशन अक्तूबर से रुकी पड़ी है।
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ऐसे लोगों के आधार नंबर जुटाने के लिए अब विभाग पोस्टकार्ड का सराहा ले रहा है। विभाग द्वारा लाभार्थी के पते पर दो पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं। एक पोस्टकार्ड में उसे आधार नंबर भेजने को कहा जा रहा है, जबकि दूसरे पोस्टकार्ड में लाभार्थी को आधार नंबर सहित अन्य जानकारियां भरकर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को भेजनी होंगी। इधर जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव नयन तिवारी ने बताया कि वंचित लाभार्थी अपना आधार नंबर 15 अगस्त तक विभाग के पास भेज सकते हैं, ताकि उनकी रुकी हुई पेंशन शुरू हो सके।