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जीएसटी के विरोध में 30 को राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन
Updated Sun, 25 Jun 2017 04:35 PM IST
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जीएसटी के विरोध में 30 को राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन
अल्मोड़ा। जिला एवं नगर व्यापार मंडल की यहां एक होटल में हुई बैठक में 30 मई को जीएसटी के विरोध में प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने जिले की सभी व्यापार मंडल इकाईयों के पदाधिकारियों से बंद को सफल बनाने में सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के व्यापारियों को भी 20 लाख के जीएसटी टैक्स की छूट के दायरे में रखा जाए। उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है। अन्य राज्यों में ट्रांसपोर्ट व्यय कम से कम में हो जाता है, जबकि उत्तराखंड में चार पांच गुना ज्यादा रकम देने के बाद माल पहुंचता है और दुर्गम रास्ते होने के कारण कुलियों और मजदूरों को भी भाड़ा दिया जाता है जो अप्रत्यक्ष खर्च है। इसलिए राज्य के व्यापारियों को 20 लाख से भी अधिक की छूट मिलनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कतिपय लोग नए रजिस्ट्रेशन और जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने में व्यापारियों से तीन से चार हजार रुपये तक का शुल्क ले रहे हैं। जीएसटी शुल्क में अनियमितताओं को लेकर एक शिष्टमंडल शीघ्र स्थानीय वाणिज्य कर अधिकारी से मिलेगा। जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मनीष जोशी, दीप चंद्र जोशी, शरद अग्रवाल, गिरीराज साह, कमल बिष्ट, दीप लाल साह, वकुल साह, नीरज चौहान, राजेश पलनी, भैरव गोस्वामी, मनोज सिंह पवार, कमल कुमार गुप्ता, हरी कृष्ण खत्री, दीपक वर्मा, दिनेश चंद्र मठपाल, गणेश चंद्र जोशी, मो. साबिर, गोविंद सिंह आदि मौजूद थे।
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अल्मोड़ा। जिला एवं नगर व्यापार मंडल की यहां एक होटल में हुई बैठक में 30 मई को जीएसटी के विरोध में प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने जिले की सभी व्यापार मंडल इकाईयों के पदाधिकारियों से बंद को सफल बनाने में सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के व्यापारियों को भी 20 लाख के जीएसटी टैक्स की छूट के दायरे में रखा जाए। उत्तराखंड एक पहाड़ी राज्य है। अन्य राज्यों में ट्रांसपोर्ट व्यय कम से कम में हो जाता है, जबकि उत्तराखंड में चार पांच गुना ज्यादा रकम देने के बाद माल पहुंचता है और दुर्गम रास्ते होने के कारण कुलियों और मजदूरों को भी भाड़ा दिया जाता है जो अप्रत्यक्ष खर्च है। इसलिए राज्य के व्यापारियों को 20 लाख से भी अधिक की छूट मिलनी चाहिए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कतिपय लोग नए रजिस्ट्रेशन और जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने में व्यापारियों से तीन से चार हजार रुपये तक का शुल्क ले रहे हैं। जीएसटी शुल्क में अनियमितताओं को लेकर एक शिष्टमंडल शीघ्र स्थानीय वाणिज्य कर अधिकारी से मिलेगा। जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मनीष जोशी, दीप चंद्र जोशी, शरद अग्रवाल, गिरीराज साह, कमल बिष्ट, दीप लाल साह, वकुल साह, नीरज चौहान, राजेश पलनी, भैरव गोस्वामी, मनोज सिंह पवार, कमल कुमार गुप्ता, हरी कृष्ण खत्री, दीपक वर्मा, दिनेश चंद्र मठपाल, गणेश चंद्र जोशी, मो. साबिर, गोविंद सिंह आदि मौजूद थे।
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