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गबन के मामले में तत्कालीन उप डाकपाल को तीन साल का कारावास
Updated Sat, 25 Aug 2018 11:08 PM IST
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अल्मोड़ा। द्वाराहाट के न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह की अदालत ने गबन के एक मामले में द्वाराहाट उप डाकघर के तत्कालीन उप डाकपाल राजेश कुमार जाटव पुत्र राम स्वरूप जाटव को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक आरोपी राजेश कुमार जाटव पुत्र राम स्वरूप जाटव तत्कालीन उप डाकपाल द्वाराहाट अल्मोड़ा ने पांच जनवरी 2012 को कोषपाल की रोकड़ बही में शाखा डाकघर जालली को शाखा डाकपाल भूपेश चंद्र के माध्यम से 1.49 लाख भेजा जाना दर्शाया लेकिन इसे पर्ची में दर्ज नहीं किया और यह राशि हड़प ली। उसके बाद एक बार फिर से 2.80 लाख रुपये का गोलमाल किया गया।
बाद में विभागीय जांच के बाद राजेश कुमार जाटव ने गबन की गई राशि जमा कर दी थी। उसे सेवानिवृत्ति भी दे दी गई थी। इस मामले की सुनवाई द्वाराहाट के न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राहुल गौतम ने पैरवी की।
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गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गबन के इस मामले में आरोपी राजेंद्र कुमार जाटव को धारा 409 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थ अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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जानकारी के मुताबिक आरोपी राजेश कुमार जाटव पुत्र राम स्वरूप जाटव तत्कालीन उप डाकपाल द्वाराहाट अल्मोड़ा ने पांच जनवरी 2012 को कोषपाल की रोकड़ बही में शाखा डाकघर जालली को शाखा डाकपाल भूपेश चंद्र के माध्यम से 1.49 लाख भेजा जाना दर्शाया लेकिन इसे पर्ची में दर्ज नहीं किया और यह राशि हड़प ली। उसके बाद एक बार फिर से 2.80 लाख रुपये का गोलमाल किया गया।
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बाद में विभागीय जांच के बाद राजेश कुमार जाटव ने गबन की गई राशि जमा कर दी थी। उसे सेवानिवृत्ति भी दे दी गई थी। इस मामले की सुनवाई द्वाराहाट के न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र साह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी राहुल गौतम ने पैरवी की।
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गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गबन के इस मामले में आरोपी राजेंद्र कुमार जाटव को धारा 409 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थ अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।