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दो से तीन किमी दूर नौलों से पानी ढो रहे लोग
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:32 PM IST
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अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के विभिन्न स्थानों पर पानी की किल्लत भी बढ़ गई है। परिवार और मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण दो से तीन किमी दूर नौलों से पानी ढो रहे हैं। पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
जिले के स्याहीदेवी, खरकिया, चंपाखाली, दयोली खान, तल्ला नवाड़, धाकड़, कफलकोट, कठपुडिय़ा, खूंट समेत कई गांवों में पानी की किल्लत बनी हुई है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल योजना के स्रोत में पानी लगातार कम होते जा रहा है। परिवार और मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नौलों में पानी के लिए सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लग रही है। इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
व्यापार मंडल शीतलाखेत के अध्यक्ष गणेश चंद्र पाठक ने बताया कि गांवों में हैंडपंप भी नहीं हैं। इस कारण वहां सबसे अधिक समस्या बनी हुई है। नौलों में भी पानी तेजी से सूख रहा है। भविष्य में पेयजल संकट और अधिक गहराने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। पेयजल संकट ग्रस्त सड़क किनारे स्थित क्षेत्र में टैंकरों से पानी वितरित किया जाए।
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जिले के स्याहीदेवी, खरकिया, चंपाखाली, दयोली खान, तल्ला नवाड़, धाकड़, कफलकोट, कठपुडिय़ा, खूंट समेत कई गांवों में पानी की किल्लत बनी हुई है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल योजना के स्रोत में पानी लगातार कम होते जा रहा है। परिवार और मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नौलों में पानी के लिए सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लग रही है। इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों का पूरा दिन पानी जुटाने में ही बर्बाद हो रहा है।
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व्यापार मंडल शीतलाखेत के अध्यक्ष गणेश चंद्र पाठक ने बताया कि गांवों में हैंडपंप भी नहीं हैं। इस कारण वहां सबसे अधिक समस्या बनी हुई है। नौलों में भी पानी तेजी से सूख रहा है। भविष्य में पेयजल संकट और अधिक गहराने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। पेयजल संकट ग्रस्त सड़क किनारे स्थित क्षेत्र में टैंकरों से पानी वितरित किया जाए।
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