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राज्य के हर ब्लॉक में बनेंगे स्वचालित मौसम स्टेशन
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:32 PM IST
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अल्मोड़ा। अगले तीन माह के भीतर प्रदेश के सभी जिलों के हर ब्लॉक में स्वचालित मौसम स्टेशन, वर्षामापी और बर्फमापी यंत्र लग जाएंगे। उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी परियोजना और राष्ट्रीय मौसम विभाग के बीच एमओयू होने के बाद इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। अभी तक जिलों में स्थापित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा तहसीलों में स्थापित वर्षामापी यंत्र से केवल बारिश के आंकड़े ही लिए जाते हैं।
शासन की यह योजना पिछले वर्ष शुरू हो चुकी थी। तब शासन की ओर से सभी जिला मुख्यालयों से अपने जिले के प्रत्येक ब्लॉक में जमीन की उपलब्धता संबंध प्रस्ताव मांग लिए गए थे।
स्वचालित मौसम स्टेशन और वर्षामापी यंत्र लगने से जहां बारिश के अनुमान के साथ ही हवा की आर्र्दता, तापमान की सटीक जानकारी मिल जाएगी वहीं तापमान, आर्र्दता, वर्षा का दबाव, बर्फबारी, सूर्योदय और सूर्यास्त समय के अलावा हवा की गति और दिशा के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इन यंत्रों में सेंसर लगे होते हैं जिससे सारा डाटा जिले में स्थापित आपदा प्रबंधन इकाई और मौसम विज्ञान केंद्र को सीधे ट्रांसफर हो जाएगा। इस योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है।
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शासन की यह योजना पिछले वर्ष शुरू हो चुकी थी। तब शासन की ओर से सभी जिला मुख्यालयों से अपने जिले के प्रत्येक ब्लॉक में जमीन की उपलब्धता संबंध प्रस्ताव मांग लिए गए थे।
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स्वचालित मौसम स्टेशन और वर्षामापी यंत्र लगने से जहां बारिश के अनुमान के साथ ही हवा की आर्र्दता, तापमान की सटीक जानकारी मिल जाएगी वहीं तापमान, आर्र्दता, वर्षा का दबाव, बर्फबारी, सूर्योदय और सूर्यास्त समय के अलावा हवा की गति और दिशा के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इन यंत्रों में सेंसर लगे होते हैं जिससे सारा डाटा जिले में स्थापित आपदा प्रबंधन इकाई और मौसम विज्ञान केंद्र को सीधे ट्रांसफर हो जाएगा। इस योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है।
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