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दुग्ध क्रय मूल्य एक रुपये बढ़ाने से उत्पादक नाखुश
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:04 PM IST
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अल्मोड़ा। दुग्ध उत्पादकों की नगर में हुई बैठक में वक्ताओं ने दुग्ध संघ द्वारा दुग्ध क्रय मूल्य में एक रुपये लीटर की वृद्धि को नाकाफी बताया। उन्होंने दूध क्रय मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार द्वारा 2015 से चार रुपये प्रति लीटर दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि देने की शुरुआत की गई थी। जुलाई 2016 के बाद मार्च 2017 तक की धनराशि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद अवमुक्त नहीं हुई। अब सरकार ने अप्रैल 2017 के बाद की धनराशि अवमुक्त की है। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ अल्मोड़ा जहां खुद को चार करोड़ के घाटे में बताता है वही प्रबंध कमेटी द्वारा नए कार्मिकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है। आरोप लगाया कि वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में काफी खर्च किया जाता है।
उन्होंने कहा कि 2011-12 में एक करोड़ 26 लाख रुपये का लाभ दिखाकर छठा वेतनमान लेने वाले दुग्ध संघ के अधिकारी गत छह वर्षों में चार करोड़ से अधिक घाटे के बारे में कुछ भी बताने में कतरा रहे हैं। दुग्ध संघ के गत छह वर्षों के आय-व्यय की उच्च स्तरीय जांच की जाए, अन्यथा आंदोलन होगा। बैठक में आनंद बिष्ट, त्रिभुवन तिवारी, प्रताप सिंह, मोहन सिंह, शिवराज बनौला, विपिन हर्बोला, भुवन चंद्र, कैलाश चंद्र, जीवन सिंह, कैलाश सिंह, राम सिंह, मोहन चंद्र आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि पिछली सरकार द्वारा 2015 से चार रुपये प्रति लीटर दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि देने की शुरुआत की गई थी। जुलाई 2016 के बाद मार्च 2017 तक की धनराशि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद अवमुक्त नहीं हुई। अब सरकार ने अप्रैल 2017 के बाद की धनराशि अवमुक्त की है। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ अल्मोड़ा जहां खुद को चार करोड़ के घाटे में बताता है वही प्रबंध कमेटी द्वारा नए कार्मिकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव पारित किया गया है। आरोप लगाया कि वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में काफी खर्च किया जाता है।
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उन्होंने कहा कि 2011-12 में एक करोड़ 26 लाख रुपये का लाभ दिखाकर छठा वेतनमान लेने वाले दुग्ध संघ के अधिकारी गत छह वर्षों में चार करोड़ से अधिक घाटे के बारे में कुछ भी बताने में कतरा रहे हैं। दुग्ध संघ के गत छह वर्षों के आय-व्यय की उच्च स्तरीय जांच की जाए, अन्यथा आंदोलन होगा। बैठक में आनंद बिष्ट, त्रिभुवन तिवारी, प्रताप सिंह, मोहन सिंह, शिवराज बनौला, विपिन हर्बोला, भुवन चंद्र, कैलाश चंद्र, जीवन सिंह, कैलाश सिंह, राम सिंह, मोहन चंद्र आदि मौजूद थे।
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