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जल निगम कार्यालय हल्द्वानी स्थानांतरित करने का विरोध
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:34 PM IST
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अल्मोड़ा। जल निगम द्वितीय निर्माण शाखा का कार्यालय हल्द्वानी स्थानांतरित करने का उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि विभाग द्वारा शहर में सीवर लाइन निर्माण के साथ ही ताकुला, भैंसियाछाना, हवालबाग की पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस फैसले से इन कार्यों पर विपरीत असर पड़ेगा। इसके विरोध में पार्टी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और पेयजल मंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जल निगम द्वितीय निर्माण शाखा का कार्यालय पिछले चार दशक से जाखनदेवी में स्थित है। आरोप लगाया गया है कि सरकार ने इस कार्यालय को हल्द्वानी स्थानांतरित करने के लिए 29 दिसंबर को शासनादेश जारी कर दिया है।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार पहाड़ी विरोधी नीति अपना रही है।
इस कार्यालय के हल्द्वानी जाने से क्षेत्र की पेयजल समेत अन्य योजनाओं पर विपरीत असर पडेगा। पार्टी ने सरकार द्वारा जारी शासनादेश को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है कि यदि कार्यालय हल्द्वानी स्थानांतरित हुआ तो जनांदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, नगर अध्यक्ष वंदना कोहली, आनंदी वर्मा, आनंदी मनराल, अनीता बजाज, विमला, राकेश कुमार, गोपाल राम, जीवन चंद्र, कमला जोशी आदि शामिल हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है कि जल निगम द्वितीय निर्माण शाखा का कार्यालय पिछले चार दशक से जाखनदेवी में स्थित है। आरोप लगाया गया है कि सरकार ने इस कार्यालय को हल्द्वानी स्थानांतरित करने के लिए 29 दिसंबर को शासनादेश जारी कर दिया है।
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पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार पहाड़ी विरोधी नीति अपना रही है।
इस कार्यालय के हल्द्वानी जाने से क्षेत्र की पेयजल समेत अन्य योजनाओं पर विपरीत असर पडेगा। पार्टी ने सरकार द्वारा जारी शासनादेश को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है कि यदि कार्यालय हल्द्वानी स्थानांतरित हुआ तो जनांदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, नगर अध्यक्ष वंदना कोहली, आनंदी वर्मा, आनंदी मनराल, अनीता बजाज, विमला, राकेश कुमार, गोपाल राम, जीवन चंद्र, कमला जोशी आदि शामिल हैं।
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