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डीएम ने दिए रेनू मौत प्रकरण के मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:54 PM IST
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अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमश्वर के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण प्रसव के बाद 21 सितंबर को हुई शैल गांव निवासी रेनू भाकुनी पत्नी दीपक सिंह की मौत के मामले की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत को जांच अधिकारी नामित किया है।
डीएम ने बताया कि उत्तराखंड बाल संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्य ललित सिंह दोसाद ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत को सप्ताहभर के भीतर प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि जो भी व्यक्ति घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज कराना चाहते है वह एक अक्तूबर को अपराह्न दो बजे तक जांच अधिकारी संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत के पास बयान दर्ज करा सकता है। डीएम ने कहा है कि जिस किसी भी स्तर पर गलती होगी उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि सीएमओ द्वारा इस प्रकरण में लापरवाही के चलते गत दिवस स्टाफ नर्स और एक महिला डॉक्टर का क्रमश: द्वाराहाट और बाड़ेछीना तबादला कर दिया है, जबकि दो अन्य अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को संस्तुति की है।
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डीएम ने बताया कि उत्तराखंड बाल संरक्षण अधिकार आयोग के सदस्य ललित सिंह दोसाद ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत को सप्ताहभर के भीतर प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा है कि जो भी व्यक्ति घटना के संबंध में अपना बयान दर्ज कराना चाहते है वह एक अक्तूबर को अपराह्न दो बजे तक जांच अधिकारी संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत के पास बयान दर्ज करा सकता है। डीएम ने कहा है कि जिस किसी भी स्तर पर गलती होगी उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि सीएमओ द्वारा इस प्रकरण में लापरवाही के चलते गत दिवस स्टाफ नर्स और एक महिला डॉक्टर का क्रमश: द्वाराहाट और बाड़ेछीना तबादला कर दिया है, जबकि दो अन्य अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को संस्तुति की है।
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