{"_id":"5af877164f1c1be5408b4ffe","slug":"51526232854-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुमाऊं के 400 वन श्रमिकों को दो माह से नहीं मिला वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुमाऊं के 400 वन श्रमिकों को दो माह से नहीं मिला वेतन
Updated Sun, 13 May 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
भारतीय करंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। यहां वन विभाग के चिंतन सभागार में कुमाऊं वन श्रमिक संघ की बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं के 400 वन श्रमिकों को मार्च से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने वेतन का शीघ्र भुगतान न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
श्रमिकों ने कहा कि कुमाऊं में 400 से अधिक वन श्रमिक कार्यरत हैं। इन सभी को मार्च से वेतन नहीं दिया गया है। इस कारण उन्हें परिवार के भरण-पोषण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वन श्रमिकों को सातवां वेतनमान का लाभ देने की मांग की है। कहा कि विभाग द्वारा वन श्रमिकों से काम तो लिया जाता है लेकिन उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संघ न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होगा। संगठन श्रमिकों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सभी वन श्रमिकों से संघ की सदस्यता लेने का आह्वान किया है। बैठक में नवीन चंद्र तिवारी, बहादुर सिंह, कुंदन लाल, कैलाश चंद्र, उत्तम सिंह, हरीश चंद्र, धर्मानंद कांडपाल आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
श्रमिकों ने कहा कि कुमाऊं में 400 से अधिक वन श्रमिक कार्यरत हैं। इन सभी को मार्च से वेतन नहीं दिया गया है। इस कारण उन्हें परिवार के भरण-पोषण में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वन श्रमिकों को सातवां वेतनमान का लाभ देने की मांग की है। कहा कि विभाग द्वारा वन श्रमिकों से काम तो लिया जाता है लेकिन उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के लाभ से वंचित किया जा रहा है। श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संघ न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होगा। संगठन श्रमिकों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सभी वन श्रमिकों से संघ की सदस्यता लेने का आह्वान किया है। बैठक में नवीन चंद्र तिवारी, बहादुर सिंह, कुंदन लाल, कैलाश चंद्र, उत्तम सिंह, हरीश चंद्र, धर्मानंद कांडपाल आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन