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वनाग्नि रोकने के लिए वन विभाग की टीम सक्रिय
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। वनाग्नि को लेकर महकमा इस बार मुस्तैद दिख रहा है। विभाग ने क्षेत्र में स्थापित छह क्रू स्टेशनों को सक्रिय कर उन्हें अल्मोड़ा और गनियाद्योली स्थित मास्टर कंट्रोल रूम से जोड़ दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वनाग्नि टीम सक्रिय होगी। यह सचल टीम वनों को आग के हवाले करने वाले तत्वों पर भी नजर रखेगी।
15 मार्च से फायर सीजन शुरू होगा। हर साल लाखों की जड़ी, बूटी सहित बहुमूल्य वन संपदा आग की भेंट चढ़ जाती है। वन्य जीवों को नुकसान पहुंचता है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इन दिनों वन पंचायतों में वनाग्नि समितियों को सक्रिय कर रहे हैं।
वन क्षेत्राधिकारी उमेश पांडेय ने बताया कि कालिका, गनियाद्योली, मालरोड, सौनी, मजखाली, बिल्लेख, में स्थपित नौ क्रू स्टेशनों को सक्रिय कर वहां एक-एक कर्मचारी की तैनाती की गई है। प्रत्येक क्रू स्टेशन उपकरण रखे गए हैं। जंगलों से पिरूल हटाने के लिए भी कार्रवाई चल रही है। पिरूल उठान के लिए कुछ कंपनियों से संपर्क करने की योजना है।
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15 मार्च से फायर सीजन शुरू होगा। हर साल लाखों की जड़ी, बूटी सहित बहुमूल्य वन संपदा आग की भेंट चढ़ जाती है। वन्य जीवों को नुकसान पहुंचता है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इन दिनों वन पंचायतों में वनाग्नि समितियों को सक्रिय कर रहे हैं।
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वन क्षेत्राधिकारी उमेश पांडेय ने बताया कि कालिका, गनियाद्योली, मालरोड, सौनी, मजखाली, बिल्लेख, में स्थपित नौ क्रू स्टेशनों को सक्रिय कर वहां एक-एक कर्मचारी की तैनाती की गई है। प्रत्येक क्रू स्टेशन उपकरण रखे गए हैं। जंगलों से पिरूल हटाने के लिए भी कार्रवाई चल रही है। पिरूल उठान के लिए कुछ कंपनियों से संपर्क करने की योजना है।
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