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फसल तथा सब्जी औने पौने दाम में बेचने को मजबूर किसान
Updated Mon, 07 May 2018 11:16 PM IST
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farmar
- फोटो : amar ujala
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जैंती (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड राज्य बने 18 साल होने को हैं, पर तहसील क्षेत्र में कोल्ड स्टोर स्थापित नहीं हो सका है। कोल्ड स्टोर न होने के कारण किसान फसल, सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। उन्हें उत्पादित माल को औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में किसानों को उत्पादित फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है।
तहसील जैंती के लमगड़ा, ठाठ, कल्टानी, जलना, पौधार, गड़ापानी, छड़ौजा, बेडचूला, पजैना, ज्वारनेडी, कुटौली खांकर, सिल्पड़, मोतियापाथर, नाटाडोल, भांगादयोली, मेरगांव, डोल, शहरफाटक, गजार, पूनागढ़, डामर, चौखुटिया, चायखान आदि क्षेत्र में आलू, सेब, नाशपाती, जैंती, कांडे, भट्यूड़ा, बकस्वाड़, सेल्टाचापड़, स्योड़ा, उड्यारी, दाड़िमी, कुंज, बांजधार, बिनौला, भाबू, बिराड़ आदि क्षेत्रों में नींबू, माल्टा, नाशपाती, केला, अनार, दाड़िम, संतरा, आडू, खुबानी, अंगूर आदि का बहुतायत में उत्पादन होता है। क्षेत्र में कोल्ड स्टोर न होने के कारण किसान उत्पादित फल, सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण किसानों को फल, सब्जियों को औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है। इन स्थितियों में किसानों को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है। शहरफाटक निवासी भैरव दत्त थुवाल ने बताया कि कोल्ड स्टोर न होने के कारण फल, सब्जी लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहती है। सालभर की मेहनत के बावजूद फल, सब्जियों को औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है। क्वेटा निवासी लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने कहा कि कोल्ड स्टोर खोलने की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोग जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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तहसील जैंती के लमगड़ा, ठाठ, कल्टानी, जलना, पौधार, गड़ापानी, छड़ौजा, बेडचूला, पजैना, ज्वारनेडी, कुटौली खांकर, सिल्पड़, मोतियापाथर, नाटाडोल, भांगादयोली, मेरगांव, डोल, शहरफाटक, गजार, पूनागढ़, डामर, चौखुटिया, चायखान आदि क्षेत्र में आलू, सेब, नाशपाती, जैंती, कांडे, भट्यूड़ा, बकस्वाड़, सेल्टाचापड़, स्योड़ा, उड्यारी, दाड़िमी, कुंज, बांजधार, बिनौला, भाबू, बिराड़ आदि क्षेत्रों में नींबू, माल्टा, नाशपाती, केला, अनार, दाड़िम, संतरा, आडू, खुबानी, अंगूर आदि का बहुतायत में उत्पादन होता है। क्षेत्र में कोल्ड स्टोर न होने के कारण किसान उत्पादित फल, सब्जी आदि का भंडारण नहीं कर पाते हैं। इस कारण किसानों को फल, सब्जियों को औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है। इन स्थितियों में किसानों को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पाता है। शहरफाटक निवासी भैरव दत्त थुवाल ने बताया कि कोल्ड स्टोर न होने के कारण फल, सब्जी लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहती है। सालभर की मेहनत के बावजूद फल, सब्जियों को औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है। क्वेटा निवासी लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने कहा कि कोल्ड स्टोर खोलने की मांग को लेकर क्षेत्रीय लोग जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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