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Almora News: 300 मीटर लाइन के मानक ने निरस्त किए तीन आवेदन
Fri, 19 Jan 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 19 Jan 2024 10:58 PM IST
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-मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएस) के तहत सोलर प्लांट लगाने के लिए उरेडा को सबसे अधिक 18 आवेदन मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। सोलर प्लांट से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना में 300 मीटर बिजली लाइन का मानक आड़े आ रहा है। आवेदकों की भूमि के पास बिजली लाइन न होने से मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएस) के तहत सोलर प्लांट स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। हाल ही में विभाग ने तीन आवेदन निरस्त किए हैं।
जिले में एमएसएस योजना के तहत 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए दो माह के भीतर उरेडा को 23 आवेदन मिले। 200 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट लगाने के लिए आठ , 20 केवीए के लिए एक, 50 और 100 केवीए के लिए दो युवाओं ने आवेदन किया। उरेडा ने इनमें से आठ आवेदन यूपीसीएल को भेजे। आवेदकों की भूमि पर बिजली लाइन न होने से यूपीसीएल ने तीन आवेदन निरस्त कर दिए। 200 किलोवाट क्षमता के प्लांट के लिए युवाओं में अधिक रुझान है।
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ये है मानक
यूपीसीएल के ईई कन्हैया जी मिश्रा के मुताबिक भूमि के 300 मीटर दायरे में बिजली लाइन होने पर ही सोलर प्लांट को स्वीकृति दी जा सकती है। इससे लाभार्थी से आसानी से सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली खरीदी जा सके।
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25 साल तक बेच सकेंगे बिजली
अल्मोड़ा। योजना के तहत बेरोजगार निजी भूमि के साथ ही बंजर पड़ी भूमि को लीज पर लेकर यहां सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। प्लांट से उत्पादित बिजली को 4.49 रुपये की दर से यूपीसीएल को 25 साल तक बेच कर अच्छी आय अर्जित कर सकेंगे। अ
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मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत विभाग को कुल 23 आवेदन मिल चुके हैं। 200 किलोवॉट क्षमता के 18 आवेदन यूपीसीएल को भेजे गए। इनमें से तीन आवेदन यूपीसीएल ने निरस्त किए हैं।
मनोज कुमार बजेठा, परियोजना अधिकारी, उरेडा अल्मोड़ा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। सोलर प्लांट से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना में 300 मीटर बिजली लाइन का मानक आड़े आ रहा है। आवेदकों की भूमि के पास बिजली लाइन न होने से मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (एमएसएस) के तहत सोलर प्लांट स्थापित नहीं हो पा रहे हैं। हाल ही में विभाग ने तीन आवेदन निरस्त किए हैं।
जिले में एमएसएस योजना के तहत 20, 25, 50, 100 और 200 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए दो माह के भीतर उरेडा को 23 आवेदन मिले। 200 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट लगाने के लिए आठ , 20 केवीए के लिए एक, 50 और 100 केवीए के लिए दो युवाओं ने आवेदन किया। उरेडा ने इनमें से आठ आवेदन यूपीसीएल को भेजे। आवेदकों की भूमि पर बिजली लाइन न होने से यूपीसीएल ने तीन आवेदन निरस्त कर दिए। 200 किलोवाट क्षमता के प्लांट के लिए युवाओं में अधिक रुझान है।
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ये है मानक
यूपीसीएल के ईई कन्हैया जी मिश्रा के मुताबिक भूमि के 300 मीटर दायरे में बिजली लाइन होने पर ही सोलर प्लांट को स्वीकृति दी जा सकती है। इससे लाभार्थी से आसानी से सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली खरीदी जा सके।
25 साल तक बेच सकेंगे बिजली
अल्मोड़ा। योजना के तहत बेरोजगार निजी भूमि के साथ ही बंजर पड़ी भूमि को लीज पर लेकर यहां सोलर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। प्लांट से उत्पादित बिजली को 4.49 रुपये की दर से यूपीसीएल को 25 साल तक बेच कर अच्छी आय अर्जित कर सकेंगे। अ
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत विभाग को कुल 23 आवेदन मिल चुके हैं। 200 किलोवॉट क्षमता के 18 आवेदन यूपीसीएल को भेजे गए। इनमें से तीन आवेदन यूपीसीएल ने निरस्त किए हैं।
मनोज कुमार बजेठा, परियोजना अधिकारी, उरेडा अल्मोड़ा।

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