{"_id":"5cbf4e8abdec22142d5e692e","slug":"21556041354-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 लाख के संग्रहण केंद्र को बनाएं 2 लाख में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4 लाख के संग्रहण केंद्र को बनाएं 2 लाख में
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। जिले में विभिन्न स्थानों पर बहुतायत में फल और सब्जी का उत्पादन होता है, परंतु जिले में कोल्ड स्टोर नहीं हैं। सरकार हॉर्टीकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन के तहत फल, सब्जी संग्रहण केंद्र बनाने के लिए काश्तकारों को अनुदान उपलब्ध करा रही है। चार लाख रुपये की लागत के संग्रहण केंद्र के लिए सरकार द्वारा पचास फीसदी अनुदान दिया जाता है। जिले में करीब दर्जनभर काश्तकार संग्रहण केंद्र बना चुके हैं।
जिले में विभिन्न स्थानों पर सब्जी और फलों का बहुतायत में उत्पादन होता है। जिले में कोल्ड स्टोर नहीं है। जिससे उत्पादों को काश्तकार रामनगर अथवा हल्द्वानी मंडी ले जाते हैं। जो किसान अपने उत्पादों को मंडी तक नहीं ले जाते पाते हैं वह बिचौलियों के हाथों सस्ती दर पर उत्पाद बेचने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में उत्पादों के संग्रहण के लिए भी कोई व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।
जिला उद्यान अधिकारी त्रिलोकीनाथ पांडे ने बताया कि हार्टीकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन के तहत सरकार किसानों को संग्रहण केंद्र बनाने के लिए अनुदान दे रही है। नौ मीटर लंबे और छह मीटर चौड़े संग्रहण केंद्र की कुल लागत चार लाख रुपये है। जिसमें सरकार पचास फीसदी अनुदान उपलब्ध करा रही है।
विज्ञापन
काश्तकार को स्वयं दो लाख रुपये वहन करना होगा, जबकि दो लाख रुपये सरकार अनुदान देगी। अब तक जिले में दर्जनभर किसानों ने संग्रहण केंद्र बना लिए हैं, जबकि छह किसानों ने संग्रहण केंद्र बनाने के लिए आवेदन किया है।
विज्ञापन
जिले में विभिन्न स्थानों पर सब्जी और फलों का बहुतायत में उत्पादन होता है। जिले में कोल्ड स्टोर नहीं है। जिससे उत्पादों को काश्तकार रामनगर अथवा हल्द्वानी मंडी ले जाते हैं। जो किसान अपने उत्पादों को मंडी तक नहीं ले जाते पाते हैं वह बिचौलियों के हाथों सस्ती दर पर उत्पाद बेचने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में उत्पादों के संग्रहण के लिए भी कोई व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी त्रिलोकीनाथ पांडे ने बताया कि हार्टीकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन के तहत सरकार किसानों को संग्रहण केंद्र बनाने के लिए अनुदान दे रही है। नौ मीटर लंबे और छह मीटर चौड़े संग्रहण केंद्र की कुल लागत चार लाख रुपये है। जिसमें सरकार पचास फीसदी अनुदान उपलब्ध करा रही है।
विज्ञापन
काश्तकार को स्वयं दो लाख रुपये वहन करना होगा, जबकि दो लाख रुपये सरकार अनुदान देगी। अब तक जिले में दर्जनभर किसानों ने संग्रहण केंद्र बना लिए हैं, जबकि छह किसानों ने संग्रहण केंद्र बनाने के लिए आवेदन किया है।