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उतराखंड की परिसंपति उप्र को सौंपना दुर्भाग्यपूर्ण
Updated Sun, 16 Jul 2017 10:47 PM IST
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अल्मोड़ा। जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार के बाद भी उत्तराखंड की परिसंपत्तियों को उत्तर प्रदेश को सौंपा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनभावना से खिलवाड़ कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य का गठन तमाम शहादतों के बाद हुआ, लेकिन प्रदेश सरकार ने उप्र के साथ परिसंपत्तियों के बटवारे में राज्य की 70 फीसदी से अधिक संपत्तियां उप्र को सौंप दीं, जो राज्य की जनता के हितों पर कुठाराघात है। उत्तराखंड और केंद्र में भाजपा के डबल इंजन की सरकार होने के बाद उप्र में तीसरे इंजन की सरकार भी भाजपा की है, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने न जाने किस दबाव में कुंभ क्षेत्र की जमीन के अलावा अधिकांश नहरों का स्वामित्व उप्र को सौंप दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरिद्वार कुंभ क्षेत्र की भूमि के अलावा कई नहरों के हेड, सिंचाई नहरें समेत कई परिसंपत्तियां जो उत्तराखंड की थीं, उनका स्वामित्व उप्र को सौंप दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से उप्र के साथ हुए संपत्तियों के बटवारे को सार्वजनिक किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं की अनदेखी कर सिर्फ अपने नेताओं, मंत्रियों के हितों को ही तवज्जो देगी तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस पूरे प्रदेश में राज्य सरकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ आंदोलनात्मक कार्रवाई के लिए बाध्य होगी।
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उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य का गठन तमाम शहादतों के बाद हुआ, लेकिन प्रदेश सरकार ने उप्र के साथ परिसंपत्तियों के बटवारे में राज्य की 70 फीसदी से अधिक संपत्तियां उप्र को सौंप दीं, जो राज्य की जनता के हितों पर कुठाराघात है। उत्तराखंड और केंद्र में भाजपा के डबल इंजन की सरकार होने के बाद उप्र में तीसरे इंजन की सरकार भी भाजपा की है, लेकिन उत्तराखंड सरकार ने न जाने किस दबाव में कुंभ क्षेत्र की जमीन के अलावा अधिकांश नहरों का स्वामित्व उप्र को सौंप दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हरिद्वार कुंभ क्षेत्र की भूमि के अलावा कई नहरों के हेड, सिंचाई नहरें समेत कई परिसंपत्तियां जो उत्तराखंड की थीं, उनका स्वामित्व उप्र को सौंप दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से उप्र के साथ हुए संपत्तियों के बटवारे को सार्वजनिक किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं की अनदेखी कर सिर्फ अपने नेताओं, मंत्रियों के हितों को ही तवज्जो देगी तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस पूरे प्रदेश में राज्य सरकार के जनविरोधी फैसलों के खिलाफ आंदोलनात्मक कार्रवाई के लिए बाध्य होगी।
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