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खतरा बना धौलछीना-दियारी मोटर मार्ग, अधिकारी खामोश
Updated Tue, 11 Dec 2018 10:50 PM IST
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धौलछीना (अल्मोड़ा)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दो साल पहले बनी धौलछीना-दियारी मोटर मार्ग के कल्वर्ट देखरेख के अभाव में टूटने लगे हैं। कई स्थानों पर तो सड़क में जानलेवा गड्ढे बन गए हैं जो कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। मरम्मत के नाम पर इस सड़क में अब तक लाखों खर्च हो चुके हैं, लेकिन सड़क की हालत अभी भी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों द्वारा विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी मरम्मत का काम नहीं हो पा रहा है।
करीब छह किमी लंबा धौलछीना-दियारी मोटर मार्ग दियारी, बमनगांव, पत्थरखानी, सगबड़ा आदि गांवों से आने वाले स्कूली बच्चों का प्रमुख रास्ता है। दो साल पूर्व बने कल्वर्ट में घटिया निर्माण सामग्री लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत भी की थी, लेकिन अधिकारियों ने समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। देखरेख के अभाव में इस सड़क मार्ग पर चार जगह कल्वर्ट ध्वस्त होने की कगार पर आ गए हैं। वहीं मटकूड़ा के पास सड़क के बीचों बीच दो मीटर व्यास का बड़ा गड्ढा बन गया है। जिस कारण इस मार्ग में बड़े वाहन नहीं जा पा रहे हैं। छोटे चौपहिया वाहनों को भी चढ़ाई वाले इस मार्ग पर गड्ढा नहीं दिखाई दे रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता दरबान रावत ने बताया कि विभाग ने खतरे की जगहों पर न तो सांकेतिक बोर्ड लगाए हैं और ना ही सुरक्षा के कोई उपाय किए हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क मार्ग और ध्वस्त कल्वर्ट को शीघ्र दुरुस्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर विभाग के अधिशासी अभियंता हिमांशु पंत ने बताया कि इस रोड में ठेकेदार का कांट्रेक्ट पूरा हो चुका है। अब स्पेशल रिपेयर प्लान में इसे रखा जाएगा और मरम्मत की जाएगी।
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करीब छह किमी लंबा धौलछीना-दियारी मोटर मार्ग दियारी, बमनगांव, पत्थरखानी, सगबड़ा आदि गांवों से आने वाले स्कूली बच्चों का प्रमुख रास्ता है। दो साल पूर्व बने कल्वर्ट में घटिया निर्माण सामग्री लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत भी की थी, लेकिन अधिकारियों ने समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। देखरेख के अभाव में इस सड़क मार्ग पर चार जगह कल्वर्ट ध्वस्त होने की कगार पर आ गए हैं। वहीं मटकूड़ा के पास सड़क के बीचों बीच दो मीटर व्यास का बड़ा गड्ढा बन गया है। जिस कारण इस मार्ग में बड़े वाहन नहीं जा पा रहे हैं। छोटे चौपहिया वाहनों को भी चढ़ाई वाले इस मार्ग पर गड्ढा नहीं दिखाई दे रहा है।
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सामाजिक कार्यकर्ता दरबान रावत ने बताया कि विभाग ने खतरे की जगहों पर न तो सांकेतिक बोर्ड लगाए हैं और ना ही सुरक्षा के कोई उपाय किए हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क मार्ग और ध्वस्त कल्वर्ट को शीघ्र दुरुस्त नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर विभाग के अधिशासी अभियंता हिमांशु पंत ने बताया कि इस रोड में ठेकेदार का कांट्रेक्ट पूरा हो चुका है। अब स्पेशल रिपेयर प्लान में इसे रखा जाएगा और मरम्मत की जाएगी।
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