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सत्रह साल में 104 प्राथमिक और छह जूनियर हाईस्कूल हुए बंद
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:21 PM IST
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अल्मोड़ा। राज्य बनने के बाद छात्र संख्या दस से कम होने पर जिले में अब तक 104 प्राथमिक और छह जूनियर हाइस्कूल बंद हो गए हैं। जिससे इन विद्यालयों के भवन निष्प्रयोज्य हो गए हैं। शासन ने लाखों रुपये से बने इन भवनों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग अब इन स्कूल भवनों को ग्राम पंचायतों को सौंपने की तैयारी कर रहा है। भवनों को सौंपने के लिए शिक्षा विभाग और ग्राम पंचायत के मध्य करार होगा। यह भी शर्त होगी कि यदि भविष्य में विभाग को इन भवनों की जरूरत होगी तो ग्राम पंचायत उन्हें वापस करेगी।
सरकारी शिक्षा व्यवस्था से अभिभावकों का मोहभंग हो रहा है। प्रदेश में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाइस्कूलों में छात्र संख्या घटते जा रही है। दस अथवा इससे कम छात्र संख्या होने पर राज्य बनने के बाद पिछले सत्रह सालों में जिले में 104 प्राथमिक और छह जूनियर हाइस्कूल बंद हो गए हैं। अकेले 2016-17 शिक्षा सत्र में जिले में 21 स्कूल बंद हुए हैं। शासन के आदेश पर शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों को निकट के दूसरे विद्यालयों में समायोजित किया है। जिस कारण इन विद्यालयों के भवन और परिसर की भूमि खाली पड़ी है। सरकार अब ऐसे विद्यालय भवनों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करेगी, ताकि विद्यालय भवनों का संरक्षण हो सके।
शासन के सचिव डा. भूपिंदर कौर औलख ने इस संबंध में निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि स्कूल भवन और भूमि के रखरखाव की इस शर्त के साथ ग्राम पंचायत को अनुमति दी जाएगी कि यदि भविष्य में विद्यालय भवन और भूमि की आवश्यकता शिक्षा विभाग को पड़ेगी तो संबंधित पंचायत पुन: भवन और भूमि शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएगी। साथ ही विद्यालय भवन हस्तगत कराए जाने की सूचना संबंधित जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को भी देनी होगी। बंद होने वाले विद्यालय के अभिलेख, उपकरण और फर्नीचर आदि सामग्री समायोजित विद्यालय को हस्तांतरित होगी।
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सरकारी शिक्षा व्यवस्था से अभिभावकों का मोहभंग हो रहा है। प्रदेश में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाइस्कूलों में छात्र संख्या घटते जा रही है। दस अथवा इससे कम छात्र संख्या होने पर राज्य बनने के बाद पिछले सत्रह सालों में जिले में 104 प्राथमिक और छह जूनियर हाइस्कूल बंद हो गए हैं। अकेले 2016-17 शिक्षा सत्र में जिले में 21 स्कूल बंद हुए हैं। शासन के आदेश पर शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों को निकट के दूसरे विद्यालयों में समायोजित किया है। जिस कारण इन विद्यालयों के भवन और परिसर की भूमि खाली पड़ी है। सरकार अब ऐसे विद्यालय भवनों को संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करेगी, ताकि विद्यालय भवनों का संरक्षण हो सके।
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शासन के सचिव डा. भूपिंदर कौर औलख ने इस संबंध में निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि स्कूल भवन और भूमि के रखरखाव की इस शर्त के साथ ग्राम पंचायत को अनुमति दी जाएगी कि यदि भविष्य में विद्यालय भवन और भूमि की आवश्यकता शिक्षा विभाग को पड़ेगी तो संबंधित पंचायत पुन: भवन और भूमि शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएगी। साथ ही विद्यालय भवन हस्तगत कराए जाने की सूचना संबंधित जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को भी देनी होगी। बंद होने वाले विद्यालय के अभिलेख, उपकरण और फर्नीचर आदि सामग्री समायोजित विद्यालय को हस्तांतरित होगी।
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