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सिटी सैनिटेशन प्लान का प्रस्ताव शासन स्तर पर लटका
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:52 PM IST
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अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा को स्वच्छ बनाने का सिटी सेनिटेशन प्लान लंबे समय बाद भी धरातल पर नहीं उतरा है। शासन के निर्देश पर पालिका परिषद ने शहर में शौचालय, अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी आदि का प्रस्ताव तैयार कर करीब छह माह पहले शासन को भेज था, परंतु इस योजना को शासन से अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
अन्य शहर की तरह ही अल्मोड़ा नगर में भी कूड़ा निस्तारण, सीवरेज, गंदे पानी की निकासी जैसी समस्याएं आम हैं। सालों बाद भी इन समस्याओं का समाधान करने को कोई ठोस योजना धरातल पर नहीं उतरी है। जिला मुख्यालय अल्मोड़ा में बढ़ती जनसंख्या और अनियोजित भवन निर्माण से सफाई की समस्या बढ़ती जा रही है।
सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले शहर स्वच्छता योजना के आंकड़े एकत्र करने के लिए नगर पालिका परिषद को नोडल एजेंसी नामित किया था। इस योजना में पालिका के अलावा जल निगम, जल संस्थान, लोनिवि आदि विभागों को भी शामिल किया गया है।
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इसके बाद पालिका परिषद ने शहर से हर रोज उठने वाले कूड़े के निस्तारण, ट्रंचिंग ग्राउंड, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल संस्थान से सीवरेज, सीवरेज प्लांट, जल संस्थान और पेयजल निगम से शहर में पानी की आपूर्ति, शौचालयों की उपलब्धता के अलावा अपशिष्ट जल प्रबंधन आदि के आंकड़े एकत्र किए। इसका माइक्रोप्लान तैयार कर पालिका परिषद द्वारा शासन को करीब छह माह पूर्व भेज दिया गया था पर इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
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अन्य शहर की तरह ही अल्मोड़ा नगर में भी कूड़ा निस्तारण, सीवरेज, गंदे पानी की निकासी जैसी समस्याएं आम हैं। सालों बाद भी इन समस्याओं का समाधान करने को कोई ठोस योजना धरातल पर नहीं उतरी है। जिला मुख्यालय अल्मोड़ा में बढ़ती जनसंख्या और अनियोजित भवन निर्माण से सफाई की समस्या बढ़ती जा रही है।
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सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले शहर स्वच्छता योजना के आंकड़े एकत्र करने के लिए नगर पालिका परिषद को नोडल एजेंसी नामित किया था। इस योजना में पालिका के अलावा जल निगम, जल संस्थान, लोनिवि आदि विभागों को भी शामिल किया गया है।
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इसके बाद पालिका परिषद ने शहर से हर रोज उठने वाले कूड़े के निस्तारण, ट्रंचिंग ग्राउंड, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल संस्थान से सीवरेज, सीवरेज प्लांट, जल संस्थान और पेयजल निगम से शहर में पानी की आपूर्ति, शौचालयों की उपलब्धता के अलावा अपशिष्ट जल प्रबंधन आदि के आंकड़े एकत्र किए। इसका माइक्रोप्लान तैयार कर पालिका परिषद द्वारा शासन को करीब छह माह पूर्व भेज दिया गया था पर इस मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।