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लाग हर्याल, लाग बग्वाल जी रयै जागि रै, यो दिन वार भेटने रयै
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:36 PM IST
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अल्मोड़ा। हरेला का त्योहार जिले में परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह पूजा अर्चना के बाद दस दिन पूर्व बोया गया हरेला काटकर मंदिरों में चढ़ाया गया। इसके बाद हरेला सिर पर धारण किया गया। कई स्थानों पर हरेले का मेला भी लगा।
परिवार के बुजुर्गों ने बच्चों को हरेला शिरोधारण करते समय लाग हर्याल, लाग बग्वाल जी रयै जागि रै, यो दिन बार भेटने रयै’ आशीष देकर उनके सुखी और दीर्घ जीवन की कामना की। कुमाऊंनी परंपरा के तहत नव विवाहिताओं ने अपना पहला हरेला मायके में मनाया। शहर में स्थित प्रसिद्ध नंदादेवी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, बद्रेश्वर मंदिर, बदरीनाथ, सिद्ध बाबा मंदिर, चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर और पातालदेवी आदि मंदिरों में लोगों ने हरेला चढ़ाया और पूजा अर्चना की।
इधर जैंती तहसील अंतर्गत कई स्थानों पर हरेले का मेला गया। तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध एड़द्यौ मंदिर और शहीद स्थल धामद्यौ के निकट स्थित धाम देवता मंदिर में हरेला मेला आयोजित हुआ। मेले में दूर दराज से कई लोग पहुंचे हुए थे। कनरा स्थित चूलालेख मंदिर में भी हेरेले मेले में काफी चहल पहल रही। कांडेगांव के ग्रामीणों का धामद्यो में आयोजित 22 दिवसीय कुमाऊंनी जागर का समापन भी हुआ। भिकियासैंण तहसील क्षेत्र में हरेला का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर कुल पुरोहितों ने यजमानों को हरेला देकर आशीर्वाद दिया। घरों में बड़े लोगों ने अपने बच्चों को हरेला लगाकर दीर्घायु की कामना की।
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परिवार के बुजुर्गों ने बच्चों को हरेला शिरोधारण करते समय लाग हर्याल, लाग बग्वाल जी रयै जागि रै, यो दिन बार भेटने रयै’ आशीष देकर उनके सुखी और दीर्घ जीवन की कामना की। कुमाऊंनी परंपरा के तहत नव विवाहिताओं ने अपना पहला हरेला मायके में मनाया। शहर में स्थित प्रसिद्ध नंदादेवी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, बद्रेश्वर मंदिर, बदरीनाथ, सिद्ध बाबा मंदिर, चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर और पातालदेवी आदि मंदिरों में लोगों ने हरेला चढ़ाया और पूजा अर्चना की।
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इधर जैंती तहसील अंतर्गत कई स्थानों पर हरेले का मेला गया। तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध एड़द्यौ मंदिर और शहीद स्थल धामद्यौ के निकट स्थित धाम देवता मंदिर में हरेला मेला आयोजित हुआ। मेले में दूर दराज से कई लोग पहुंचे हुए थे। कनरा स्थित चूलालेख मंदिर में भी हेरेले मेले में काफी चहल पहल रही। कांडेगांव के ग्रामीणों का धामद्यो में आयोजित 22 दिवसीय कुमाऊंनी जागर का समापन भी हुआ। भिकियासैंण तहसील क्षेत्र में हरेला का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर कुल पुरोहितों ने यजमानों को हरेला देकर आशीर्वाद दिया। घरों में बड़े लोगों ने अपने बच्चों को हरेला लगाकर दीर्घायु की कामना की।
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