{"_id":"5a3bee1b4f1c1b87698c2f2f","slug":"161513877019-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों को जबरन नगर निगम, पालिकाओं में शामिल करना औचित्यहीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों को जबरन नगर निगम, पालिकाओं में शामिल करना औचित्यहीन
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने गांवों को जबरन नगर निगम और पालिकाओं में शामिल करने एवं जिला विकास प्राधिकरण बनाकर जनता को परेशान करने के सरकारी फैसले को जनविरोधी करार देते हुए विरोध जताया है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार नौकरशाहों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है। इससे जनता को अच्छे दिनों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
बृहस्पतिवार को यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण बनाकर भवनों के मानचित्र पास करने की शक्ति नगर पालिकाओं से लेकर प्राधिकरण में नौकरशाहों को देना गलत है। इससे नगर और गांवों के एक बड़े भाग में जनता को परेशानी होगी।
विज्ञापन
साथ ही कंगाली से जूझ रही पालिकाओं की स्थिति और खराब होगी। बैठक में सरकार से राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में आने वाले भवनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए नगर, कस्बों में वैकल्पिक बाईपास को राजमार्ग घोषित करने की मांग की गई।
बैठक में अनूप तिवारी, आनंदी वर्मा, अजय तिवारी, मो. शाकिब, गोपाल राम, रेखा धस्माना, आनंदी मनराल, अनीता बजाज, विमला, वसीम अहमद, भुवन जोशी, देवी लाल साह, मुदित धस्माना, लीला आर्या, ललित चौधरी, चंपा सुयाल आदि थे।
विज्ञापन
पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार नौकरशाहों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है। इससे जनता को अच्छे दिनों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण बनाकर भवनों के मानचित्र पास करने की शक्ति नगर पालिकाओं से लेकर प्राधिकरण में नौकरशाहों को देना गलत है। इससे नगर और गांवों के एक बड़े भाग में जनता को परेशानी होगी।
विज्ञापन
साथ ही कंगाली से जूझ रही पालिकाओं की स्थिति और खराब होगी। बैठक में सरकार से राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में आने वाले भवनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए नगर, कस्बों में वैकल्पिक बाईपास को राजमार्ग घोषित करने की मांग की गई।
बैठक में अनूप तिवारी, आनंदी वर्मा, अजय तिवारी, मो. शाकिब, गोपाल राम, रेखा धस्माना, आनंदी मनराल, अनीता बजाज, विमला, वसीम अहमद, भुवन जोशी, देवी लाल साह, मुदित धस्माना, लीला आर्या, ललित चौधरी, चंपा सुयाल आदि थे।