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जाति के बजाए आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:46 PM IST
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अल्मोड़ा। अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याणकारी संस्था की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जाति के आधार पर आरक्षण देने की व्यवस्था समाप्त की जाए। उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि देश में काफी लंबे समय से आरक्षण जाति के आधार पर मिल रहा है। वर्तमान में यह व्यवस्था ठीक नहीं है। जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। ऐसा संभव नहीं होने पर आरक्षण बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा राज्य और देश में बेरोजगारों की फौज तेजी से बढ़ रही है। सरकारी विभागों में सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने के बजाए बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दी जाए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जिला विकास प्राधिकरण की शर्तों को जबरदस्ती लागू करने पर नाराजगी जताई। कहा कि गांवों मेें रहने वाले अधिकांश परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। प्राधिकरण की शर्तें लागू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे पूर्व संस्था के कार्यालय का उद्घाटन किया गया। संस्था के संरक्षक हर सिंह सिराड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ संरक्षक डा. एसएस पथनी आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि देश में काफी लंबे समय से आरक्षण जाति के आधार पर मिल रहा है। वर्तमान में यह व्यवस्था ठीक नहीं है। जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। ऐसा संभव नहीं होने पर आरक्षण बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा राज्य और देश में बेरोजगारों की फौज तेजी से बढ़ रही है। सरकारी विभागों में सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने के बजाए बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दी जाए।
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उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जिला विकास प्राधिकरण की शर्तों को जबरदस्ती लागू करने पर नाराजगी जताई। कहा कि गांवों मेें रहने वाले अधिकांश परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। प्राधिकरण की शर्तें लागू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इससे पूर्व संस्था के कार्यालय का उद्घाटन किया गया। संस्था के संरक्षक हर सिंह सिराड़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ संरक्षक डा. एसएस पथनी आदि मौजूद थे।
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