{"_id":"5d1f9bf28ebc3e3cec4fe79f","slug":"15623526011-almora-news60","type":"story","status":"publish","title_hn":"हल्दी और अदरख की खेती को बढ़ावा मिले: कुंजवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हल्दी और अदरख की खेती को बढ़ावा मिले: कुंजवाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा। जागेश्वर के विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि जंगली जानवरों और बंदरों के कारण जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र सहित पर्वतीय इलाकों में लोग तेजी से खेती छोड़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से परंपरागत खेती के स्थान पर विकल्प के तौर पर हल्दी और अदरक की खेती को बढ़ावा देने की मांग की है।
यहां जारी बयान में कुंजवाल ने कहा कि अन्य विभागों के बजट को कम करके किसानों को अनुदान के तहत 40 लाख रुपये लागत से हल्दी और अदरक का बीच उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा बीते दिवस अल्मोड़ा में हुई जिला योजना की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। उन्होंने पर्यटन विभाग के लिए स्वीकृत करीब डेढ़ करोड़ के बजट को जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में बराबर बांट देने का भी सुझाव दिया है। ताकि संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की प्रस्तावित योजनाओं का काम आगे बढ़ सके। उन्होंने बताया कि उनके इस प्रस्ताव से सभी विधानसभा सदस्य सहमत भी हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवों में ग्रामीणों द्वारा श्रमदान और अन्य मदों से बनाई गई सड़कों में डामरीकरण करने के लिए बजट उपलब्ध कराया जाए।
यहां जारी बयान में कुंजवाल ने कहा कि अन्य विभागों के बजट को कम करके किसानों को अनुदान के तहत 40 लाख रुपये लागत से हल्दी और अदरक का बीच उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा बीते दिवस अल्मोड़ा में हुई जिला योजना की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। उन्होंने पर्यटन विभाग के लिए स्वीकृत करीब डेढ़ करोड़ के बजट को जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में बराबर बांट देने का भी सुझाव दिया है। ताकि संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की प्रस्तावित योजनाओं का काम आगे बढ़ सके। उन्होंने बताया कि उनके इस प्रस्ताव से सभी विधानसभा सदस्य सहमत भी हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवों में ग्रामीणों द्वारा श्रमदान और अन्य मदों से बनाई गई सड़कों में डामरीकरण करने के लिए बजट उपलब्ध कराया जाए।
विज्ञापन