{"_id":"5d0e6b878ebc3e4210371d7a","slug":"15612261038-almora-news159","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुतों से दूर रहो, अल्मोड़ा में कहीं नहीं है रेबीज वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुतों से दूर रहो, अल्मोड़ा में कहीं नहीं है रेबीज वैक्सीन
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अल्मोड़ा। आखिरकार जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक शनिवार को पूरी तरह खत्म हो गया। आखिरी इंजेक्शन एक महिला को लगा उसके बाद भी लावारिस कुत्तों के काटने के कारण तीन अन्य लोग एंटी रेबीज इजेक्शन लगाने अस्पताल पहुंचे, लेकिन वैक्सीन नहीं होने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ा। बाजार में भी इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। जिससे लोगों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है।
बता दें कि अल्मोड़ा में कुत्तों और बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन आठ से दस लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं।
इस माह अब तक कुत्ते और बंदर 180 से अधिक लोगों को काट चुके हैं। जिला अस्पताल में कुछ दिन पहले 200 वैक्सीन आई थी जो अब खत्म हो चुकी हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में आखिरी इंजेक्शन लोधिया निवासी चंद्रा पत्नी दीवान राम को लगाया गया। उसके बाद भी तीन लोग इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचे, लेकिन वैक्सीन खत्म होने से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
उन्होंने प्राइवेट दवा की दुकानों में भी संपर्क किया, लेकिन वहां भी इंजेक्शन नहीं मिल सके। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह पहले ही बता चुकी हैं कि देहरादून में भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राइवेट दवा की दुकानों में भी वैक्सीन बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
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बता दें कि अल्मोड़ा में कुत्तों और बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन आठ से दस लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं।
इस माह अब तक कुत्ते और बंदर 180 से अधिक लोगों को काट चुके हैं। जिला अस्पताल में कुछ दिन पहले 200 वैक्सीन आई थी जो अब खत्म हो चुकी हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में आखिरी इंजेक्शन लोधिया निवासी चंद्रा पत्नी दीवान राम को लगाया गया। उसके बाद भी तीन लोग इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचे, लेकिन वैक्सीन खत्म होने से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
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उन्होंने प्राइवेट दवा की दुकानों में भी संपर्क किया, लेकिन वहां भी इंजेक्शन नहीं मिल सके। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह पहले ही बता चुकी हैं कि देहरादून में भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राइवेट दवा की दुकानों में भी वैक्सीन बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
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