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पर्यटन सीजन में भी नहीं मिल पा रही लावारिश जानवरों से निजात
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी में लोगों को लावारिस जानवरों के आतंक से निजात नहीं मिल पा रही है। मुख्य बाजार में ही दर्जनों सांड़ और गायें घूम रही हैं, लेकिन इस समस्या का निराकरण छावनी परिषद नहीं कर पा रही है। पूर्व में यह जानवर दर्जनों लोगों को घायल तक कर चुके हैं। पर्यटन सीजन चल रहा है। कई बार यातायात व्यवस्था को भी जानवर प्रभावित कर देते हैं।
नगर में लावारिस जानवरों का आतंक पिछले कई सालों से है, लेकिन इस समस्या को दूर करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं हो रहे हैं। नगर के मुख्य बाजार में ही दर्जनों सांड़, गायें और भैंसें घूम रही हैं। मुख्य बाजार में वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में यह जानवर यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। पर्यटकों को भी इनसे बचकर निकलना पड़ रहा है।
पूर्व में जानवरों ने शाम के वक्त घूमने जाने वाले कई वृद्धों को घायल तक कर दिया था। कई दुकानों में तोड़फोड़ भी जानवरों द्वारा कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है, जिसके चलते स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में आक्रोश है। इधर छावनी परिषद के अधिकारियों का कहना है कि गो सदन केंद्रों में संपर्क किया गया है, लेकिन वहां जगह खाली नहीं होने के कारण इन्हें नहीं भेजा जा सका है।
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नगर में लावारिस जानवरों का आतंक पिछले कई सालों से है, लेकिन इस समस्या को दूर करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं हो रहे हैं। नगर के मुख्य बाजार में ही दर्जनों सांड़, गायें और भैंसें घूम रही हैं। मुख्य बाजार में वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में यह जानवर यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। पर्यटकों को भी इनसे बचकर निकलना पड़ रहा है।
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पूर्व में जानवरों ने शाम के वक्त घूमने जाने वाले कई वृद्धों को घायल तक कर दिया था। कई दुकानों में तोड़फोड़ भी जानवरों द्वारा कर दी गई, लेकिन इसके बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है, जिसके चलते स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में आक्रोश है। इधर छावनी परिषद के अधिकारियों का कहना है कि गो सदन केंद्रों में संपर्क किया गया है, लेकिन वहां जगह खाली नहीं होने के कारण इन्हें नहीं भेजा जा सका है।
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