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पांच सरकारें बदल गई पर नहीं बन सकी सीवर लाइन
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अल्मोड़ा। सरकारें और जनप्रतिनिधि विकास कार्यों को गति देने के दावे जरूर करते हैं पर अल्मोड़ा नगर में सीवर लाइन का कार्य सत्रह साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। प्रदेश में पांच सरकारें बदल गई हैं, पर शहर के सिर्फ एक चौथाई भाग में ही सीवर लाइन बिछाई जा सकी है। दूसरे चरण के काम के लिए बारह साल से बजट अवमुक्त नहीं हुआ है। समय पर कार्य पूरा नहीं हो से इस योजना की लागत भी कई गुना बढ़ गई है।
सत्रह साल पहले अल्मोड़ा शहर में सीवर योजना को मंजूरी मिली। शहर को चार जोन में बांटकर सीवर लाइन बिछाई जानी थी। 2002 में उप्र की निर्माण एजेंसी सीएनडीएस ने 6.10 करोड़ रुपये लागत से जोन प्रथम के अंतर्गत चयनित क्षेत्र राजपुर, मकेड़ी, हीरा डुंगरी, एनटीडी, जेल परिसर, बीटीसी हॉस्टल में सीवर लाइन बिछाई। इनमें कनेक्शन भी दे दिए।
2005 में जल निगम सर्वे शाखा ने 8.10 करोड़ लागत से दूसरे चरण में तृतीय जोन का कार्य शुरू किया। शासन से 4.86 करोड़ मिलने के बाद निर्माण एजेंसी ने तृतीय जोन में पांडेखोला, कपीना, उप्रेतीखोला, सांई बाबा मंदिर, झिझाड़, गुरुरानीखोला, चंपानौला, खोल्टा मोहल्ले में लाइन बिछाई।
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लेकिन 2007 से तृतीय जोन के लिए शेष 3.24 करोड़ रुपये शासन से नहीं मिल पाए। इस जोन के शेष हिस्से थपलिया, जोशीखोला आदि मोहल्लों में लाइन डालने, लोअर मालरोड में रोडवेज के पास पंप हाउस और पांडेखोला में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का काम भी नहीं हुआ है। इसके अलावा द्वितीय और चतुर्थ जोन का कार्य भी लटका है।
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सत्रह साल पहले अल्मोड़ा शहर में सीवर योजना को मंजूरी मिली। शहर को चार जोन में बांटकर सीवर लाइन बिछाई जानी थी। 2002 में उप्र की निर्माण एजेंसी सीएनडीएस ने 6.10 करोड़ रुपये लागत से जोन प्रथम के अंतर्गत चयनित क्षेत्र राजपुर, मकेड़ी, हीरा डुंगरी, एनटीडी, जेल परिसर, बीटीसी हॉस्टल में सीवर लाइन बिछाई। इनमें कनेक्शन भी दे दिए।
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2005 में जल निगम सर्वे शाखा ने 8.10 करोड़ लागत से दूसरे चरण में तृतीय जोन का कार्य शुरू किया। शासन से 4.86 करोड़ मिलने के बाद निर्माण एजेंसी ने तृतीय जोन में पांडेखोला, कपीना, उप्रेतीखोला, सांई बाबा मंदिर, झिझाड़, गुरुरानीखोला, चंपानौला, खोल्टा मोहल्ले में लाइन बिछाई।
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लेकिन 2007 से तृतीय जोन के लिए शेष 3.24 करोड़ रुपये शासन से नहीं मिल पाए। इस जोन के शेष हिस्से थपलिया, जोशीखोला आदि मोहल्लों में लाइन डालने, लोअर मालरोड में रोडवेज के पास पंप हाउस और पांडेखोला में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का काम भी नहीं हुआ है। इसके अलावा द्वितीय और चतुर्थ जोन का कार्य भी लटका है।