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इलेक्ट्रानिक कांटा लगाने के साथ गल्ला विक्रेताओं की भी सुध ले सरकार
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:28 PM IST
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अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासखंड से जुड़े गल्ला विक्रेताओं ने शहरफाटक में बैठक कर खाद्यान्न गोदामों में इलेक्ट्रानिक कांटा लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसके बगैर वह खाद्यान्न का उठान नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खाद्यान्न प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने को लेकर गल्ला विक्रेता स्वयं आगे आने को तैयार है, लेकिन इसके बदले सरकार को भी उनकी सुध लेनी चाहिए। गल्ला विक्रेताओं ने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय देने, उनकी मौत के बाद उनके परिजनों में से किसी एक को नौकरी या स्थायी रोजगार देने और गल्ला विक्रेताओं का 10 लाख का बीमा करने की भी मांग की है।
उन्होंने 2015 से 16 के बीच खाद्य सुरक्षा योजना के बिलों का अभी तक भुगतान नहीं किए जाने पर रोष जताते हुए इसे शीघ्र दिए जाने की मांग की है। बैठक में सुरेश जोशी, भूपाल सिंह, किशन सिंह, शिवराज सिंह, खड़क सिंह, गोविंद बोरा, शिवराज सिंह, कुंदन सिंह, प्रताप सिंह, गंगा सिंह, हरीश, रतन सिंह, पान सिंह के अलावा धारखोल, तोली, ठाट, कनरा, शहरफाटक आदि गांवों के गल्ला विक्रेताओं ने भाग लिया।
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उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खाद्यान्न प्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने को लेकर गल्ला विक्रेता स्वयं आगे आने को तैयार है, लेकिन इसके बदले सरकार को भी उनकी सुध लेनी चाहिए। गल्ला विक्रेताओं ने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय देने, उनकी मौत के बाद उनके परिजनों में से किसी एक को नौकरी या स्थायी रोजगार देने और गल्ला विक्रेताओं का 10 लाख का बीमा करने की भी मांग की है।
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उन्होंने 2015 से 16 के बीच खाद्य सुरक्षा योजना के बिलों का अभी तक भुगतान नहीं किए जाने पर रोष जताते हुए इसे शीघ्र दिए जाने की मांग की है। बैठक में सुरेश जोशी, भूपाल सिंह, किशन सिंह, शिवराज सिंह, खड़क सिंह, गोविंद बोरा, शिवराज सिंह, कुंदन सिंह, प्रताप सिंह, गंगा सिंह, हरीश, रतन सिंह, पान सिंह के अलावा धारखोल, तोली, ठाट, कनरा, शहरफाटक आदि गांवों के गल्ला विक्रेताओं ने भाग लिया।
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