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पांच साल से फूड फेस्टेवल के लिए नहीं मिला बजट
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:56 PM IST
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अल्मोड़ा। 1991 में अस्तित्व में आए कुमाऊं के एकमात्र जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में पिछले पांच साल से फूड फेस्टवल नहीं मनाया गया है। फूड फेस्टवल के जरिए ही छात्र छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, लेकिन दुविधा यह है कि संस्थान के पास फूड फेस्टवल मनाने के लिए बजट ही नहीं है।
संस्थान में वर्तमान में 108 छात्र-छात्राएं हैं। किताबी ज्ञान के साथ-साथ संस्थान में मूल रूप से हाउस कीपिंग, कुकिंग, सर्विस आदि आतिथ्य सत्कार की शिक्षा दी जाती है। पूर्व में यहां फूड फेस्टेवल का आयोजन कर छात्रों की पाक कला का प्रदर्शन किया जाता था। जिसका मकसद छात्रों द्वारा सीखे जा रहे आतिथ्य सत्कार को लोगों के बीच ले जाना था ताकि छात्रों का मनोबल बढ़ सके।
इस दौरान यहां पहुंचने वाले अभिभावकों, लोगों तथा अतिथियों द्वारा छात्रों के हुनर की तारीफ भी की जाती थी। यही नहीं लोगों को होटल मैनेजमेंट में होने वाली सारी गतिविधियों की जानकारी भी मिलती थी, लेकिन पिछले पांच साल से फूड फेस्टवल का आयोजन बंद है।
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संस्थान के शिक्षक धीरेंद्र मर्तोलिया ने बताया कि पिछले पांच साल से संस्थान में फूड फेस्टेवल नहीं मनाया गया है। पांच साल पहले फूड फेस्टेवल के लिए करीब 35 हजार रुपये मिला था। वर्तमान में फूड फेस्टेवल मनाने के लिए लगभग 60 हजार रुपये की जरूरत है। पिछले दिनों जिलाधिकारी ईवा आशीष ने संस्थान का निरीक्षण किया था। समस्या बताने के बाद उन्होंने जल्द फूड फेस्टवल के लिए जिला योजना से बजट दिलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अभी मिला नहीं है।
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संस्थान में वर्तमान में 108 छात्र-छात्राएं हैं। किताबी ज्ञान के साथ-साथ संस्थान में मूल रूप से हाउस कीपिंग, कुकिंग, सर्विस आदि आतिथ्य सत्कार की शिक्षा दी जाती है। पूर्व में यहां फूड फेस्टेवल का आयोजन कर छात्रों की पाक कला का प्रदर्शन किया जाता था। जिसका मकसद छात्रों द्वारा सीखे जा रहे आतिथ्य सत्कार को लोगों के बीच ले जाना था ताकि छात्रों का मनोबल बढ़ सके।
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इस दौरान यहां पहुंचने वाले अभिभावकों, लोगों तथा अतिथियों द्वारा छात्रों के हुनर की तारीफ भी की जाती थी। यही नहीं लोगों को होटल मैनेजमेंट में होने वाली सारी गतिविधियों की जानकारी भी मिलती थी, लेकिन पिछले पांच साल से फूड फेस्टवल का आयोजन बंद है।
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संस्थान के शिक्षक धीरेंद्र मर्तोलिया ने बताया कि पिछले पांच साल से संस्थान में फूड फेस्टेवल नहीं मनाया गया है। पांच साल पहले फूड फेस्टेवल के लिए करीब 35 हजार रुपये मिला था। वर्तमान में फूड फेस्टेवल मनाने के लिए लगभग 60 हजार रुपये की जरूरत है। पिछले दिनों जिलाधिकारी ईवा आशीष ने संस्थान का निरीक्षण किया था। समस्या बताने के बाद उन्होंने जल्द फूड फेस्टवल के लिए जिला योजना से बजट दिलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अभी मिला नहीं है।