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एनएच चौड़ीकरण के लिए घर नहीं तोड़ने देंगे
Updated Thu, 21 Dec 2017 10:53 PM IST
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एनएच चअल्मोड़ा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार एवं अनुश्रवण समिति के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक सहित लोअर मालरोड क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों ने एनएच-87 एक्सटेंशन में बाइपास बनाने की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसमें कहा गया है कि अगर भवनों को तोड़कर लोअर मालरोड को जबरन चौड़ा करने का प्रयास किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया है कि अल्मोड़ा लोअर मालरोड में बाइपास बनने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने से पूर्व से ही सड़क किनारे लोधिया से कोसी बाइपास तक भवन बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग को डबल लेन करने पर वहां बने भवनों को तोड़े जाने की आशंका बनी हुई है। साथ ही कई लोगों का रोजगार भी छिन जाएगा।
इसे देखते हुए चौंसली से कोसी के लिए बनाए जा रहे बाइपास मार्ग को ही राष्ट्रीय राजमार्ग के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए। इस मार्ग के किनारे पूर्व से कोई भवन भी नहीं हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि बीते दिनों राष्ट्रीय राज मार्ग विभाग और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों ने भी नए मार्ग का निरीक्षण किया था।
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उन्होंने क्वारब-कोसी सड़क को बाइपास बनाने के लिए उचित पाया गया है। ज्ञापन भेजने वालों में पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक के अलावा रमेश चंद्र कांडपाल, देवेंद्र प्रसाद कर्नाटक, जगदीश सिंह नगरकोटी, हेम जोशी, हरीश मेहरा, जितेंद्र कांडपाल, सुमित भट्ट, दिनेश पांडे, आनंद बिष्ट, करन कर्नाटक, शिव प्रसाद, भूपेश पांडे, पूरन जोशी, विक्रम बिष्ट, जसवंत अधिकारी, मनीष त्रिपाठी, शांता कर्नाटक आदि शामिल हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है कि अल्मोड़ा लोअर मालरोड में बाइपास बनने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने से पूर्व से ही सड़क किनारे लोधिया से कोसी बाइपास तक भवन बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग को डबल लेन करने पर वहां बने भवनों को तोड़े जाने की आशंका बनी हुई है। साथ ही कई लोगों का रोजगार भी छिन जाएगा।
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इसे देखते हुए चौंसली से कोसी के लिए बनाए जा रहे बाइपास मार्ग को ही राष्ट्रीय राजमार्ग के तौर पर विकसित किया जाना चाहिए। इस मार्ग के किनारे पूर्व से कोई भवन भी नहीं हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि बीते दिनों राष्ट्रीय राज मार्ग विभाग और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों ने भी नए मार्ग का निरीक्षण किया था।
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उन्होंने क्वारब-कोसी सड़क को बाइपास बनाने के लिए उचित पाया गया है। ज्ञापन भेजने वालों में पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक के अलावा रमेश चंद्र कांडपाल, देवेंद्र प्रसाद कर्नाटक, जगदीश सिंह नगरकोटी, हेम जोशी, हरीश मेहरा, जितेंद्र कांडपाल, सुमित भट्ट, दिनेश पांडे, आनंद बिष्ट, करन कर्नाटक, शिव प्रसाद, भूपेश पांडे, पूरन जोशी, विक्रम बिष्ट, जसवंत अधिकारी, मनीष त्रिपाठी, शांता कर्नाटक आदि शामिल हैं।