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शासकीय कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं आंकड़े
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:43 PM IST
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अल्मोड़ा। सांख्यिकीविद् प्रशांत चंद्र महालनोबिस के 124वें जन्म दिवस पर विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने देश और प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों के लिए सांख्यिकीय आंकड़ों को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि सांख्यिकीय आंकड़े प्रशासनिक स्तर पर बनने वाली योजनाओं का आधार होते हैं और सरकार द्वारा विभिन्न शासकीय कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है।
अर्थ संख्याधिकारी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए आंकड़ों का एकत्रीकरण, वर्गीकरण एवं निर्वाचन संबंधी क्रियाएं प्रशासनिक सांख्यिकी के अंतर्गत आती हैं। और इसका उपयोग प्रशासन स्तर पर नियोजन के लिए किया जाता है। किसी भी देश-प्रदेश के प्रशासनिक कार्यों के लिए सांख्यिकीय आंकड़ों को महत्वपूर्ण बताते हुए वक्ताओं ने इस कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। अर्थसंख्याधिकारी जीएस कालाकोटी ने बताया कि वर्तमान में सांख्यिकी विभाग द्वारा जिला योजना, बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अतिरिक्त उपभोक्ता भाव सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण, रोजगार, बेरोजगार और राज्य आय का निर्धारण आदि समाजार्थिक समीक्षा पुस्तकों को विभाग द्वारा तैयार किया जाता है। जिसका उपयोग सरकार द्वारा विभिन्न शासकीय कार्यों में किया जाता है। इससे पूर्व सांख्यिकीविद् पीसी महालनोबिस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में सुनीता मल्होत्रा, कोमल साह, उदित वर्मा, बृजपाल सिंह, अरविंद कुमार, भावना बिष्ट, खीमपाल सिंह, शैलेंद्र रावत, दीवान सिंह, दीपक वर्मन, कमलेश जोशी, मनीष कुमार भोज आदि मौजूद थेे।
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अर्थ संख्याधिकारी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए आंकड़ों का एकत्रीकरण, वर्गीकरण एवं निर्वाचन संबंधी क्रियाएं प्रशासनिक सांख्यिकी के अंतर्गत आती हैं। और इसका उपयोग प्रशासन स्तर पर नियोजन के लिए किया जाता है। किसी भी देश-प्रदेश के प्रशासनिक कार्यों के लिए सांख्यिकीय आंकड़ों को महत्वपूर्ण बताते हुए वक्ताओं ने इस कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। अर्थसंख्याधिकारी जीएस कालाकोटी ने बताया कि वर्तमान में सांख्यिकी विभाग द्वारा जिला योजना, बीस सूत्रीय कार्यक्रम के अतिरिक्त उपभोक्ता भाव सूचकांक, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण, रोजगार, बेरोजगार और राज्य आय का निर्धारण आदि समाजार्थिक समीक्षा पुस्तकों को विभाग द्वारा तैयार किया जाता है। जिसका उपयोग सरकार द्वारा विभिन्न शासकीय कार्यों में किया जाता है। इससे पूर्व सांख्यिकीविद् पीसी महालनोबिस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में सुनीता मल्होत्रा, कोमल साह, उदित वर्मा, बृजपाल सिंह, अरविंद कुमार, भावना बिष्ट, खीमपाल सिंह, शैलेंद्र रावत, दीवान सिंह, दीपक वर्मन, कमलेश जोशी, मनीष कुमार भोज आदि मौजूद थेे।
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