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दो माह से तीन गांवों में पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी, हाहाकार मचा
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सड़क कटान के दौरान ध्वस्त हुई गुलार-करगेत पेयजल योजना से जुड़े सल्ट ब्लॉक के तीन गांवों में दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप है।
सड़क कटान के दौरान गुलार-करेगत पेयजल योजना की पाइप लाइन ध्वस्त हो गई थी। इस कारण योजना से जुड़े कोटजसपुर, पटवाल जसपुर, मुनड़ा गांवों में दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप है। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण गांव में त्राहि-त्राहि मची है।
ग्रामीण दो किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत तथा नौलों से पानी ढो रहे हैं। यहां भी सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जा रही है। इसके बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। एक मार्च से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षार्थियों का सारा दिन पानी जुटाने में बर्बाद हो रहा है। इस कारण उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जल संस्थान के सहायक अभियंता को ज्ञापन देकर जलापूर्ति सुचारू करने की मांग की, अन्यथा आंदोलन की धमकी दी।
ज्ञापन देने वालों में हंसी देवी, शिव दत्त, अमित रावत, कुंती देवी, गोपाल दत्त, बालम सिंह, चंदन सिंह, कमला देवी, विमला देवी, जोगली देवी, लक्ष्मी देवी आदि शामिल हैं। इधर जल संस्थान के एई मनोज गंगवार ने बताया कि ठेकेदार को ध्वस्त पेयजल लाइन ठीक करने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। यदि क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को जल्द ठीक नहीं किया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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सड़क कटान के दौरान गुलार-करेगत पेयजल योजना की पाइप लाइन ध्वस्त हो गई थी। इस कारण योजना से जुड़े कोटजसपुर, पटवाल जसपुर, मुनड़ा गांवों में दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप है। ठंड के मौसम में पानी नहीं मिलने के कारण गांव में त्राहि-त्राहि मची है।
ग्रामीण दो किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत तथा नौलों से पानी ढो रहे हैं। यहां भी सुबह से ही लोगों की भीड़ लग जा रही है। इसके बावजूद लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। एक मार्च से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षार्थियों का सारा दिन पानी जुटाने में बर्बाद हो रहा है। इस कारण उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने जल संस्थान के सहायक अभियंता को ज्ञापन देकर जलापूर्ति सुचारू करने की मांग की, अन्यथा आंदोलन की धमकी दी।
ज्ञापन देने वालों में हंसी देवी, शिव दत्त, अमित रावत, कुंती देवी, गोपाल दत्त, बालम सिंह, चंदन सिंह, कमला देवी, विमला देवी, जोगली देवी, लक्ष्मी देवी आदि शामिल हैं। इधर जल संस्थान के एई मनोज गंगवार ने बताया कि ठेकेदार को ध्वस्त पेयजल लाइन ठीक करने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। यदि क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को जल्द ठीक नहीं किया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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