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ठेकेदार को देने के लिए लिए विभाग के पास धन नहीं
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अल्मोड़ा। 38 हेक्टेयर में फैले मृग विहार में रह रहे जानवरों को पिछले दस माह से राशन के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जानवरों को खाना उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार को विभाग ने 20 लाख रुपये चुकाने हैं। विभाग चार माह से बता रहा है कि शासन से पैसा आने वाला है लेकिन बजट अब तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। जबकि पिंजरों में कैद इन जानवरों को देखने सालभर में अच्छे खासे पर्यटक आते हैं और वन विभाग की अच्छी आमदनी हो जाती है। दूसरी ओर मृग विहार में रह रहे जानवरों की संख्या में लगातार कम हो रही है। बीते दिनों मादा तेंदुए की निमोनिया और फेफड़ों में संक्रमण से मौत हो गई है।
नगर के एनटीडी क्षेत्र में स्थित मृग विहार में 67 चीतल, 13 सांभर, चार नर चार मादा समेत आठ तेंदुए, एक सफेद बंदर और एक भालू पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, लेकिन पिछले दस माह से मृग विहार की स्थिति काफी खराब है। जानवरों के खाने के लिए बजट उपलब्ध नहीं होने से काफी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। चीतल, सांभर आदि के भोजन में हर माह करीब एक लाख रुपये और तेंदुओं के लिए एक लाख 16 हजार रुपये प्रति माह खर्च आता है।
इसके अलावा सफेद बंदर और भालू के लिए फल, दही, दूध आदि में करीब 34 हजार रुपये खर्च होता है। जानवरों को मिलने वाला यह खाना अप्रैल से उधारी पर चल रहा है। जबकि पर्यटकों के आने से वन विभाग को अच्छी खासी आमदनी भी हो जाती है। वन क्षेत्राधिकारी दिनकर जोशी ने बताया कि करीब 20 लाख रुपये वन विभाग पर उधार चल रहा है। शासन से इस मद में पैसा जल्द आने वाला है।
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नगर के एनटीडी क्षेत्र में स्थित मृग विहार में 67 चीतल, 13 सांभर, चार नर चार मादा समेत आठ तेंदुए, एक सफेद बंदर और एक भालू पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है, लेकिन पिछले दस माह से मृग विहार की स्थिति काफी खराब है। जानवरों के खाने के लिए बजट उपलब्ध नहीं होने से काफी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। चीतल, सांभर आदि के भोजन में हर माह करीब एक लाख रुपये और तेंदुओं के लिए एक लाख 16 हजार रुपये प्रति माह खर्च आता है।
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इसके अलावा सफेद बंदर और भालू के लिए फल, दही, दूध आदि में करीब 34 हजार रुपये खर्च होता है। जानवरों को मिलने वाला यह खाना अप्रैल से उधारी पर चल रहा है। जबकि पर्यटकों के आने से वन विभाग को अच्छी खासी आमदनी भी हो जाती है। वन क्षेत्राधिकारी दिनकर जोशी ने बताया कि करीब 20 लाख रुपये वन विभाग पर उधार चल रहा है। शासन से इस मद में पैसा जल्द आने वाला है।
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