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किसानों को सब्जी उत्पादन की तकनीक बताई
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:42 PM IST
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अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) अल्मोड़ा में सब्जी की उत्पादन तकनीक पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में काश्तकारों को विभिन्न प्रकार की सब्जी उत्पादन के गुर बताए गए। प्रभारी निदेशक डा. लक्ष्मीकांत ने उत्तर पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन परिदृश्य की जानकारी दी। उन्होंने कृषि क्षेत्र के विकास में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों ने पर्वतीय क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन के विभिन्न पहलुओं जिसमें मुख्यत: उत्तर पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्रों में बेमौसमी सब्जी उत्पादन, संरक्षित खेती, रबी सब्जी की उन्नत उत्पादन तकनीक, बीजोत्पादन, सब्जी के प्रमुख रोग और कीट प्रबंधन, सब्जियों की खेती में कृषि रसायनों का विवेकपूर्ण उपयोग, मशरूम उत्पादन, पर्वतीय राज्यों में सब्जी उत्पादन का आर्थिक महत्व की जानकारी दी।
प्रधान वैज्ञानिक डा. एनके हैडाऊ और चौधरी गणेश वासुदेव ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया। वक्ताओं ने कहा कि किसान घरेलू कार्यों के साथ ही समय-समय पर सब्जी उत्पादन कर आर्थिक स्थिति सुधार सकते है। किसानों को संस्थान के सब्जी प्रक्षेत्र और संग्रहालय का भ्रमण कराया गया।
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वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों ने पर्वतीय क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन के विभिन्न पहलुओं जिसमें मुख्यत: उत्तर पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्रों में बेमौसमी सब्जी उत्पादन, संरक्षित खेती, रबी सब्जी की उन्नत उत्पादन तकनीक, बीजोत्पादन, सब्जी के प्रमुख रोग और कीट प्रबंधन, सब्जियों की खेती में कृषि रसायनों का विवेकपूर्ण उपयोग, मशरूम उत्पादन, पर्वतीय राज्यों में सब्जी उत्पादन का आर्थिक महत्व की जानकारी दी।
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प्रधान वैज्ञानिक डा. एनके हैडाऊ और चौधरी गणेश वासुदेव ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया। वक्ताओं ने कहा कि किसान घरेलू कार्यों के साथ ही समय-समय पर सब्जी उत्पादन कर आर्थिक स्थिति सुधार सकते है। किसानों को संस्थान के सब्जी प्रक्षेत्र और संग्रहालय का भ्रमण कराया गया।
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