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हवालबाग ब्लाक के गांवों को पालिका क्षेत्र में मिलाने के प्रयासों का विरोध
Updated Sun, 24 Sep 2017 10:44 PM IST
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अल्मोड़ा। नगर से सटी सरकार की आली में ग्रामीणों की हुई बैठक में वक्ताओं ने हवालबाग विकासखंड की 17 ग्राम सभाएं और 23 न्याय पंचायतों को नगर पालिका में मिलाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा और न्याय पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने से ग्रामीण जनता को आर्थिक, राजनीतिक नुकसान होने के साथ ही ग्रामीण संस्कृति की भी हानि होगी। उन्होंने गांवों और न्याय पंचायतों को जबरन पालिका क्षेत्र में शामिल करने पर आमरण अनशन के साथ उग्र आंदोलन की धमकी दी।
उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व से बसे गांवों और न्याय पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। नगरपालिका की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र को जबरन नगर क्षेत्र में शामिल करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विधायक, सांसद सहित सत्ता पक्ष के जन प्रतिनिधियों को इसमें पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों और न्याय पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने के प्रयासों से जनता में क्षेत्रीय विधायक और सांसद के प्रति आक्रोश है।
उन्होंने साफ कहा कि यदि गांवों और न्याय पंचायतों को जबरन पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया तो ग्रामीण सांसद, विधायक के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी ने और संचालन आनंद सिंह कनवाल ने किया। बैठक में नवीन बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख महेश चंद्र, हरीश कनवाल, नवीन सिंह, राजेंद्र बिष्ट, चंदन रावत, गणेश बिष्ट, मीरा देवी, रंजना टम्टा, भागीरथी देवी, प्रेमा किरमोलिया, ममता तिवारी, रितु आर्या, योगेश नयाल, हर्ष कनवाल, राजेंद्र बाराकोटी, अंबी राम, देवी राम, महेश चंद्र, डीके कोहली, महेश परिहार आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व से बसे गांवों और न्याय पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। नगरपालिका की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के लिए सरकार को प्रयास करने चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र को जबरन नगर क्षेत्र में शामिल करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। विधायक, सांसद सहित सत्ता पक्ष के जन प्रतिनिधियों को इसमें पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों और न्याय पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने के प्रयासों से जनता में क्षेत्रीय विधायक और सांसद के प्रति आक्रोश है।
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उन्होंने साफ कहा कि यदि गांवों और न्याय पंचायतों को जबरन पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया तो ग्रामीण सांसद, विधायक के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख सूरज सिराड़ी ने और संचालन आनंद सिंह कनवाल ने किया। बैठक में नवीन बिष्ट, ज्येष्ठ प्रमुख महेश चंद्र, हरीश कनवाल, नवीन सिंह, राजेंद्र बिष्ट, चंदन रावत, गणेश बिष्ट, मीरा देवी, रंजना टम्टा, भागीरथी देवी, प्रेमा किरमोलिया, ममता तिवारी, रितु आर्या, योगेश नयाल, हर्ष कनवाल, राजेंद्र बाराकोटी, अंबी राम, देवी राम, महेश चंद्र, डीके कोहली, महेश परिहार आदि मौजूद थे।
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