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शिक्षा विभाग में कोटिकरण के दोहरे मापदंड
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अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग में सुगम और दुर्गम श्रेणी के कोटिकरण में काफी खामियां व्याप्त हैं। जो कार्यालय अधिकारियों के लिए दुर्गम श्रेणी में रखे गए हैं वहीं कार्यालय कर्मचारियों के लिए सुगम श्रेणी में हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए एजूकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफीसर्स एसोसिएशन ने न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी दी है।
शिक्षा विभाग के लमगड़ा और भिकियासैंण ब्लॉक मुख्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हैं। यहां खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात होने वाले अधिकारियों की सेवाएं दुर्गम श्रेणी में मानी जाएंगी, लेकिन इन्हीं कार्यालयों में तैनात विभाग के कर्मचारियों की सेवाएं सुगम श्रेणी में गिनी जाएंगी। इन दोहरे मानकों से विभाग के कार्मिकों में रोष पनप रहा है।
एजूकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक और जिलाध्यक्ष पुष्कर सिंह भैसोड़ा का कहना है कि विभाग के यह दोहरे मानक कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात हैं। ऐसे में कर्मचारियों की सेवाएं सुगम श्रेणी में गिनी जाएंगी, जिससे उन्हें नुकसान होगा। चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द इसमें संशोधन नहीं किया तो संगठन न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।
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शिक्षा विभाग के लमगड़ा और भिकियासैंण ब्लॉक मुख्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हैं। यहां खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात होने वाले अधिकारियों की सेवाएं दुर्गम श्रेणी में मानी जाएंगी, लेकिन इन्हीं कार्यालयों में तैनात विभाग के कर्मचारियों की सेवाएं सुगम श्रेणी में गिनी जाएंगी। इन दोहरे मानकों से विभाग के कार्मिकों में रोष पनप रहा है।
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एजूकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक और जिलाध्यक्ष पुष्कर सिंह भैसोड़ा का कहना है कि विभाग के यह दोहरे मानक कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात हैं। ऐसे में कर्मचारियों की सेवाएं सुगम श्रेणी में गिनी जाएंगी, जिससे उन्हें नुकसान होगा। चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द इसमें संशोधन नहीं किया तो संगठन न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।
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