{"_id":"5ca25920bdec2213f22d2c5f","slug":"131554143520-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भनोली तहसील के ग्यारह गांवों के लोगों का चुनाव बहिष्कार का ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भनोली तहसील के ग्यारह गांवों के लोगों का चुनाव बहिष्कार का ऐलान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। भनोली तहसील के अंतर्गत चलमोड़ीगाड़ा-कलौटा सड़क का निर्माण नहीं होने से गुस्साए क्षेत्र के ग्यारह गांवों के लोगों ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 2009 में चलमोड़ीगाड़ा-कलौटा सड़क का सर्वे पूरा कर लिया गया था पर आज तक सड़क नहीं बनी है। इस सड़क के बनने से भनोली तहसील के थली, कुलौरी, कोठाखूना, नैनोली, वन, विनीखेत, खौड़ी, रीठाकोट, छनटाना, पाभों, कटौला गांव यातायात से जुड़ते। पर शासन-प्रशासन, लोनिवि और जनप्रतिनिधि उदासीन बने हैं, जबकि दो दशक से अधिक समय से ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं।
सरकारें और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को सड़क निर्माण के लिए कोरे आश्वासन ही दे रहे हैं, जो कि ग्रामीणों के साथ छलावा है। सड़क के अभाव में मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने में दिकक्तें होती हैं। समय से अस्पताल उपचार के लिए नहीं पहुंचने पर कतिपय लोगों की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वह 11 अप्रैल को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे।
विज्ञापन
ज्ञापन में शंकर दत्त, गिरीश चंद्र पांडे, तारादत्त पांडे, भवानी दत्त, प्रेमा पांडे, मथुरादत्त, किशनानंद, देवकी पांडे, मथुरादत्त, लीलादेवी, महेश चंद्र पांडे, आनंदी देवी, भागलुी देवी, गोपाल सिंह, हिम्मत सिंह, प्रकाश पांडे, सुरेश पांडे, विमला देवी, रमेशचंद्र पांडे, राजेंद्र प्रसाद, तारा चंद्र सनवाल, हंसी सवनाल आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया है कि 2009 में चलमोड़ीगाड़ा-कलौटा सड़क का सर्वे पूरा कर लिया गया था पर आज तक सड़क नहीं बनी है। इस सड़क के बनने से भनोली तहसील के थली, कुलौरी, कोठाखूना, नैनोली, वन, विनीखेत, खौड़ी, रीठाकोट, छनटाना, पाभों, कटौला गांव यातायात से जुड़ते। पर शासन-प्रशासन, लोनिवि और जनप्रतिनिधि उदासीन बने हैं, जबकि दो दशक से अधिक समय से ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं।
विज्ञापन
सरकारें और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों को सड़क निर्माण के लिए कोरे आश्वासन ही दे रहे हैं, जो कि ग्रामीणों के साथ छलावा है। सड़क के अभाव में मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने में दिकक्तें होती हैं। समय से अस्पताल उपचार के लिए नहीं पहुंचने पर कतिपय लोगों की मौत भी हो चुकी है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वह 11 अप्रैल को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे।
विज्ञापन
ज्ञापन में शंकर दत्त, गिरीश चंद्र पांडे, तारादत्त पांडे, भवानी दत्त, प्रेमा पांडे, मथुरादत्त, किशनानंद, देवकी पांडे, मथुरादत्त, लीलादेवी, महेश चंद्र पांडे, आनंदी देवी, भागलुी देवी, गोपाल सिंह, हिम्मत सिंह, प्रकाश पांडे, सुरेश पांडे, विमला देवी, रमेशचंद्र पांडे, राजेंद्र प्रसाद, तारा चंद्र सनवाल, हंसी सवनाल आदि के हस्ताक्षर हैं।