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चितई गोलू देवता मंदिर में बलि को लाए दो बकरे लौटाए
Updated Thu, 11 Oct 2018 11:25 PM IST
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अल्मोड़ा। दूसरी नवरात्र पर चितई गोलू मंदिर में भक्तजन बलि के लिए दो बकरे लाए थे, जिन्हें गायत्री परिजनों ने लौटा दिया और सात्विक विधि से पूजा करने की अपील की।
गायत्री परिजनों का चितई गोलू देवता मंदिर में पशुबलि के खिलाफ जनजागरण अभियान जारी है। सिरौला (दन्यां) और लमगड़ा से दो भक्तजन मंदिर में बलि के लिए बकरे लाए थे। गायत्री परिजनों ने बकरों को लौटा दिया और भक्तों को सात्विक विधि से पूजा करने का संकल्प दिलाया। गायत्री परिजनों ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के तहत मंदिरों में पशु बलि पर पूर्ण रोक है। भविष्य में बलि के लिए बकरे मंदिर में नहीं लाएं।
उन्होंने मंदिर के पीछे जंगल में कूड़ा नहीं फेंकने की अपील की। जनजागरण में नीलम देवी, दीपा जोशी, सरोज भट्ट, निर्मला अधिकारी, अर्जुन सिंह नेगी, चिराग, पवन, मंजू तिवारी आदि शामिल थे।
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गायत्री परिजनों का चितई गोलू देवता मंदिर में पशुबलि के खिलाफ जनजागरण अभियान जारी है। सिरौला (दन्यां) और लमगड़ा से दो भक्तजन मंदिर में बलि के लिए बकरे लाए थे। गायत्री परिजनों ने बकरों को लौटा दिया और भक्तों को सात्विक विधि से पूजा करने का संकल्प दिलाया। गायत्री परिजनों ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के तहत मंदिरों में पशु बलि पर पूर्ण रोक है। भविष्य में बलि के लिए बकरे मंदिर में नहीं लाएं।
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उन्होंने मंदिर के पीछे जंगल में कूड़ा नहीं फेंकने की अपील की। जनजागरण में नीलम देवी, दीपा जोशी, सरोज भट्ट, निर्मला अधिकारी, अर्जुन सिंह नेगी, चिराग, पवन, मंजू तिवारी आदि शामिल थे।
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