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हेरिटेज वॉक के जरिये पर्यटकों को अल्मोड़ा में रोकने की पहल
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:09 AM IST
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अल्मोड़ा में पैदल घूमेंगे
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। चल्मोड़ा हेरिटेज वेलफेयर सोसाइटी के प्रयासों से देहरादून से आए 52 छात्र-छात्राओं ने हेरिटेज वॉक के तहत नगर की प्राचीन धरोहरों को देखा। छात्र-छात्राओं ने प्राचीन नंदादेवी मंदिर, मल्ला महल के नाम से पहचाने जाने वाले कलक्ट्रेट आदि स्थानों से होकर ब्राइट एंड कॉर्नर तक का पैदल भ्रमण किया। नगर में हेरिटेज वॉक करने वाला यह का सबसे बड़ा दल है। नगर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यह अच्छी पहल मानी जा रही है।
बाहर से आने वाले पर्यटक अल्मोड़ा में कम रुकते हैं। कुछ देर यहां ठहर कर कौसानी, रानीखेत, बिनसर आदि इलाकों को निकल जाते हैं। हालांकि अल्मोड़ा नगर में कई प्राचीन, ऐतिहासिक धरोहर हैं, जिनकी ओर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इसके लिए पिछले काफी समय से अल्मोड़ा में हेरिटेज वॉक विकसित करने पर जोर दिया जाता रहा। इसके लिए अमर उजाला ने भी पूर्व में कई बार खबरें प्रकाशित की थी। बीते कुछ समय से चल्मोड़ा हेरिटेज वेलफेयर सोसाइटी भी इस सिलसिले में काम कर रही है। सोसाइटी के प्रयासों से सोमवार को पुरकल यूथ डेवलपमेंट सोसाइटी देहरादून से जुड़े 52 छात्र-छात्राएं अल्मोड़ा पहुंचे और उन्होंने हेरिटेज वॉक के तहत नगर की प्राचीन धरोहरों को देखा। हेरिटेज वॉक की शुरुआत मिलन चौक के पास स्थित भैरव मंदिर से हुई। इस मंदिर को भी नगर की प्रमुख धरोहरों के रूप में ही जाना जाता है। यहां से यह ग्रुप नंदादेवी मंदिर, मल्ला महल के नाम से पहचाने जाने वाले कलक्ट्रेट पहुंचा। फिर वह खजांची मोहल्ले के उस प्राचीन घर को देखने पहुंचे जहां हिमालय यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद लाला बद्री साह के मेहमान बनकर ठहरे थे। यहां से यह दल थाना बाजार होकर छावनी क्षेत्र में स्थित टैगोर हाउस में पहुंचा जहां कभी रवींद्र नाथ टैगोर कुछ दिन रुके थे। उसके बाद प्रसिद्ध ब्राइट-एंड-कॉर्नर में हेरिटेज वॉक का समापन हुआ। मंगलवार को भी यह दल अल्मोड़ा के आसपास चितई, कसारदेवी, कटारमल, पातालदेवी आदि स्थलों का भ्रमण करेगा। इस मौके पर चल्मोड़ा हेरिटेज सोसाइटी के विपिन जोशी, देवेंद्र बिनवाल, रेखा, आशुतोष विश्वास, वीरेंद्र पथनी, तनीशा के अलावा देहरादून से आए विशाखा, अश्विनी, सूरज, विनीता आदि थे।
पहली बार 52 छात्र-छात्राओं के दल ने हेरिटेज वॉक करके नगर की प्राचीन धरोहरों को देखा
भैरव मंदिर, नंदादेवी, मल्ला महल, टैगोर हाउस होकर ब्राइट-एंड-कॉर्नर में हुआ समापन
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बाहर से आने वाले पर्यटक अल्मोड़ा में कम रुकते हैं। कुछ देर यहां ठहर कर कौसानी, रानीखेत, बिनसर आदि इलाकों को निकल जाते हैं। हालांकि अल्मोड़ा नगर में कई प्राचीन, ऐतिहासिक धरोहर हैं, जिनकी ओर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इसके लिए पिछले काफी समय से अल्मोड़ा में हेरिटेज वॉक विकसित करने पर जोर दिया जाता रहा। इसके लिए अमर उजाला ने भी पूर्व में कई बार खबरें प्रकाशित की थी। बीते कुछ समय से चल्मोड़ा हेरिटेज वेलफेयर सोसाइटी भी इस सिलसिले में काम कर रही है। सोसाइटी के प्रयासों से सोमवार को पुरकल यूथ डेवलपमेंट सोसाइटी देहरादून से जुड़े 52 छात्र-छात्राएं अल्मोड़ा पहुंचे और उन्होंने हेरिटेज वॉक के तहत नगर की प्राचीन धरोहरों को देखा। हेरिटेज वॉक की शुरुआत मिलन चौक के पास स्थित भैरव मंदिर से हुई। इस मंदिर को भी नगर की प्रमुख धरोहरों के रूप में ही जाना जाता है। यहां से यह ग्रुप नंदादेवी मंदिर, मल्ला महल के नाम से पहचाने जाने वाले कलक्ट्रेट पहुंचा। फिर वह खजांची मोहल्ले के उस प्राचीन घर को देखने पहुंचे जहां हिमालय यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद लाला बद्री साह के मेहमान बनकर ठहरे थे। यहां से यह दल थाना बाजार होकर छावनी क्षेत्र में स्थित टैगोर हाउस में पहुंचा जहां कभी रवींद्र नाथ टैगोर कुछ दिन रुके थे। उसके बाद प्रसिद्ध ब्राइट-एंड-कॉर्नर में हेरिटेज वॉक का समापन हुआ। मंगलवार को भी यह दल अल्मोड़ा के आसपास चितई, कसारदेवी, कटारमल, पातालदेवी आदि स्थलों का भ्रमण करेगा। इस मौके पर चल्मोड़ा हेरिटेज सोसाइटी के विपिन जोशी, देवेंद्र बिनवाल, रेखा, आशुतोष विश्वास, वीरेंद्र पथनी, तनीशा के अलावा देहरादून से आए विशाखा, अश्विनी, सूरज, विनीता आदि थे।
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पहली बार 52 छात्र-छात्राओं के दल ने हेरिटेज वॉक करके नगर की प्राचीन धरोहरों को देखा
भैरव मंदिर, नंदादेवी, मल्ला महल, टैगोर हाउस होकर ब्राइट-एंड-कॉर्नर में हुआ समापन