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सृष्टि के कण-कण में ईश्वर विद्यमान हैं: तिवारी
Updated Tue, 08 Aug 2017 10:44 PM IST
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लमगड़ा (अल्मोड़ा)। लमगड़ा ब्लॉक के छड़ौजा स्थित ऐड़ी देवता मंदिर में चल रहे देवी भागवत कथा का मंगलवार को हवन, यज्ञ और पूर्णाहूति के साथ समापन हो गया है। इस मौके पर हुए भंडारे में क्षेत्र के कई लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व कथावाचक पंडित केवलानंद तिवारी ने देवी भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति देवी मां की आराधना करता है उसकी मनोकामना पूरी हो जाती है।
उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के प्रेम के भूखे होते हैं। जिस तरह जैतून के कण-कण में तेल व्याप्त होता है ठीक उसी तरह से सृष्टि के कण-कण में ईश्वर विद्यमान हैं। ईश्वर से सच्चे मन से प्रेम करना चाहिए।
इस मौके पर भजन-कीर्तन भी हुए। हवन, यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ भागवत कथा का परायण हुआ। भागवत कथा का आयोजन ग्राम सभा गौलीमहर की ओर से किया गया था। यजमान दीवान सिंह रावत थे। कार्यक्रम में मदन सिंह, अमरनाथ सिंह, सुंदर सिंह, गोपाल सिंह, मोहन सिंह, हरेंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, मनोज सिंह, नंदन सिंह, शेर सिंह, लक्ष्मण सिंह रावत आदि मौजूद थे। भागवत कथा सुनने धुरा संग्रौली, जाख तिवारी, दुबरौली, ठाठ, कपकोट, चायखान, लमकोट आदि गांवों से भक्तजन पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि भगवान भक्त के प्रेम के भूखे होते हैं। जिस तरह जैतून के कण-कण में तेल व्याप्त होता है ठीक उसी तरह से सृष्टि के कण-कण में ईश्वर विद्यमान हैं। ईश्वर से सच्चे मन से प्रेम करना चाहिए।
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इस मौके पर भजन-कीर्तन भी हुए। हवन, यज्ञ और पूर्णाहुति के साथ भागवत कथा का परायण हुआ। भागवत कथा का आयोजन ग्राम सभा गौलीमहर की ओर से किया गया था। यजमान दीवान सिंह रावत थे। कार्यक्रम में मदन सिंह, अमरनाथ सिंह, सुंदर सिंह, गोपाल सिंह, मोहन सिंह, हरेंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह, मनोज सिंह, नंदन सिंह, शेर सिंह, लक्ष्मण सिंह रावत आदि मौजूद थे। भागवत कथा सुनने धुरा संग्रौली, जाख तिवारी, दुबरौली, ठाठ, कपकोट, चायखान, लमकोट आदि गांवों से भक्तजन पहुंचे थे।
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