फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   हर तरफ खामोशिया छाने लगी हैं आहटे तूफान की आने लगी हैं...

हर तरफ खामोशिया छाने लगी हैं आहटे तूफान की आने लगी हैं...

Thu, 09 Nov 2017 11:27 PM IST
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:27 PM IST
विज्ञापन
हर तरफ खामोशिया छाने लगी हैं आहटे तूफान की आने लगी हैं...
मानिला (अल्मोड़ा)। राज्य स्थापना दिवस पर जीआईसी मानिला में हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने कविता के माध्यम से जहां उत्तराखंड की व्यवस्थाओं पर तंज कसा वहीं देशप्रेम, वीर रस पर आधारित कविता सुनाकर श्रोताओं को बांधे रखा।
विज्ञापन


कवि ओमशरण आर्य ने हरा-भरा यह देश हमारा मिट्टी जिसकी चंदन है.., उप्र से आए आजाद कानपुरी ने हर तरफ खामोशियां छाने लगी, आहटें तूफान की आने लगी हैं, डा. दीनमोहम्मद्दीन ने चलो करें कुछ काम, देश का ऊंचा कर दें नाम, गढ़वाल से आए धर्मेंद्र सिंह नेगी ने कस मौज आ रै उत्तराखंड मां खेती चौपट कुडीबाडी खंडहर.. कविता प्रस्तुत की।
विज्ञापन


विवेक प्रजापति ने वीर रस की कविता सुनाई। इनके अलावा पदम सिंह पदम, सतीश शर्मा, मदन मस्ताना, जगदीश जोशी, शेष कुमार, कैलाश चंद्र यादव, नितिन कुमार ने काव्य पाठ किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोजक प्रधानाचार्य ओमशरण आर्य और प्रवक्ता जेसी आर्या ने कवियों को प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। संचालन नवीन सोराड़ी ने किया। इस मौके पर देवी दत्त शर्मा, उर्वा दत्त लखचौरा, खीम सिंह, प्रेम सिंह, नंदन मनराल, पूरन बंगारी, दीनदयाल लखचौरा, महेश रावत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed