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किसानों की आय दो गुना करने के लिए प्लान के तहत काम करें अधिकारी
Updated Thu, 25 Jan 2018 10:37 PM IST
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अल्मोड़ा। जिलाधिकारी ईवा आशीष ने बताया कि किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। खासकर पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध, मशरूम, सब्जी और रेशम उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कलस्टर प्रभारी को प्लान के अनुसार ही कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों के साथ मिलकर उनके उत्पादित माल के विपणन की व्यवस्था करने को भी कहा है।
जिला कार्यालय में बैठक लेते हुए उन्होंने माइक्रो प्लान के तहत पशुपालन, मत्स्य, कुक्कुट पालन, सब्जी और रेशम उत्पादन आदि पर विशेष ध्यान होगा।
उन्होंने जल संभरण टैंक, पॉलीहाउस, कृषि, वानकीकरण, चैकवाल, वर्मी कंपोस्ट और पिट निर्माण के साथ जैविक कृषि को बढ़ावा देने की बात कही। जबकि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत एकीकृत कृषि, दलहन, तिलहन फसलों के अलावा मधुमक्खी पालन, वाटर हारवेस्टिंगग टैंक, जड़ी-बूटी उत्पादन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसल को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए वन विभाग और मनरेगा के माध्यम से कार्ययोजना बनाई जा रही है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने किसानों की आय दो गुनी करने के संबंध में अभी तक के कार्यों की जानकारी दी। बैठक में वनाधिकारी पंकज कुमार, डीडीओ मो. असलम, उद्यान अधिकारी हितपाल सिंह, जलागम प्रबंधन और आजीविका के अधिकारियों, मटेला किसान विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भी सुझाव दिए। इस दौरान परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास नरेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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जिला कार्यालय में बैठक लेते हुए उन्होंने माइक्रो प्लान के तहत पशुपालन, मत्स्य, कुक्कुट पालन, सब्जी और रेशम उत्पादन आदि पर विशेष ध्यान होगा।
उन्होंने जल संभरण टैंक, पॉलीहाउस, कृषि, वानकीकरण, चैकवाल, वर्मी कंपोस्ट और पिट निर्माण के साथ जैविक कृषि को बढ़ावा देने की बात कही। जबकि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत एकीकृत कृषि, दलहन, तिलहन फसलों के अलावा मधुमक्खी पालन, वाटर हारवेस्टिंगग टैंक, जड़ी-बूटी उत्पादन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसल को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए वन विभाग और मनरेगा के माध्यम से कार्ययोजना बनाई जा रही है। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने किसानों की आय दो गुनी करने के संबंध में अभी तक के कार्यों की जानकारी दी। बैठक में वनाधिकारी पंकज कुमार, डीडीओ मो. असलम, उद्यान अधिकारी हितपाल सिंह, जलागम प्रबंधन और आजीविका के अधिकारियों, मटेला किसान विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भी सुझाव दिए। इस दौरान परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास नरेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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