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कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग योजना बनकर तैयार
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। 20 करोड़ रुपये की लागत से कोटेश्वर- शशिखाल पंपिंग योजना पांच साल बाद बनकर तैयार हो गई है। शनिवार को योजना में पेयजल आपूर्ति सुचारू हो गई है। पहले दिन मौलेखाल आसपास के एक दर्जन गांवों में जलापूर्ति हुई। यदि कुछ ठीक रहा तो आगामी गर्मी के सीजन में सल्ट के लोगों को पेयजल समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल में बनकर पूरी हो गई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शनिवार को योजना से जुड़े मौलेखाल, जालीखान, शशिखाल, नपटुवा, औलेत, भ्याड़ी, डहला, खुमाड़ आदि गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारू हुई। इसके अलावा योजना से जुड़े 30 ग्राम पंचायतों के 100 से भी अधिक गांवों में जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू होगी।
बता दे कि वर्तमान में गुलार-करगेत पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति होती है। यह योजना काफी लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण हालत में है और आए दिन पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है। कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना अस्तित्व में आने से अब सल्ट के लोगों को पेयजल समस्या के जूझना नहीं पड़ेगा।
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कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल में बनकर पूरी हो गई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शनिवार को योजना से जुड़े मौलेखाल, जालीखान, शशिखाल, नपटुवा, औलेत, भ्याड़ी, डहला, खुमाड़ आदि गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारू हुई। इसके अलावा योजना से जुड़े 30 ग्राम पंचायतों के 100 से भी अधिक गांवों में जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू होगी।
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बता दे कि वर्तमान में गुलार-करगेत पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति होती है। यह योजना काफी लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण हालत में है और आए दिन पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है। कोटेश्वर-शशिखाल पंपिंग पेयजल योजना अस्तित्व में आने से अब सल्ट के लोगों को पेयजल समस्या के जूझना नहीं पड़ेगा।
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