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जल्द कंप्यूटराइज्ड होंगी 134 दुग्ध समितियां
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अल्मोड़ा। दुग्ध संघ की 134 दुग्ध समितियां जल्द ही कंप्यूटराइज्ड होंगी। दुग्ध संघ अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले की कुल 313 समितियों में से अब तक 116 समितियों को डाटा प्रोसेसर मिल्क एंड कलेक्शन यूनिट (डीपीएमसीयू) से आच्छादित कर चुका है।
दुग्ध संघ की अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में कुल 313 दुग्ध समितियां हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों से दूध को समितियों में एकत्र किया जाता है। इसके बाद वाहनों के जरिये पातालदेवी अल्मोड़ा स्थित दुग्ध संघ पहुंचाया जाता है। दुग्ध संघ की अल्मोड़ा जिले की 240 दुग्ध समितियों में से 106 समितियों में डाटा प्रोसेसर मिल्क एंड कलेक्शन यूनिट लग चुकी है, जबकि बागेश्वर जिले की 73 समितियों में से 10 समितियों में डीपीएमसीयू मशीन लग चुकी हैं।
इन कंप्यूटराइज्ड यूनिटों के समितियों में स्थापित होने से समितियों के स्तर पर दूध की मात्रा, गुणवत्ता, फैट, ग्रेविटी की जानकारी मिलती है। साथ ही लागत की पर्ची उत्पादकों को मौके पर ही मिल जाती है। इससे दूध की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है। दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक डॉ. एलएम जोशी ने बताया कि 134 समितियों को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से निदेशालय को बजट अवमुक्त हो गया है। निदेशालय से डीपीएमसीयू मशीनें मिलने पर जल्द ही 134 समितियों को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा।
दुग्ध संघ की अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में कुल 313 दुग्ध समितियां हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों से दूध को समितियों में एकत्र किया जाता है। इसके बाद वाहनों के जरिये पातालदेवी अल्मोड़ा स्थित दुग्ध संघ पहुंचाया जाता है। दुग्ध संघ की अल्मोड़ा जिले की 240 दुग्ध समितियों में से 106 समितियों में डाटा प्रोसेसर मिल्क एंड कलेक्शन यूनिट लग चुकी है, जबकि बागेश्वर जिले की 73 समितियों में से 10 समितियों में डीपीएमसीयू मशीन लग चुकी हैं।
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इन कंप्यूटराइज्ड यूनिटों के समितियों में स्थापित होने से समितियों के स्तर पर दूध की मात्रा, गुणवत्ता, फैट, ग्रेविटी की जानकारी मिलती है। साथ ही लागत की पर्ची उत्पादकों को मौके पर ही मिल जाती है। इससे दूध की गुणवत्ता में भी सुधार हो रहा है। दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक डॉ. एलएम जोशी ने बताया कि 134 समितियों को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से निदेशालय को बजट अवमुक्त हो गया है। निदेशालय से डीपीएमसीयू मशीनें मिलने पर जल्द ही 134 समितियों को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा।
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