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किसान सभा के सदस्यों ने गांधी पार्क में धरना दिया
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:10 AM IST
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अल्मोड़ा। गरीब किसानों और खेत मजदूरों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्यों ने यहां गांधी पार्क में धरना दिया और सत्याग्रह सभा आयोजित की। बाद में इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।
धरना स्थल पर हुई सत्याग्रह सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुरूप सभी फसलों की लागत मूल्य का डेढ़ गुना भाव किसानों को दिया जाए। गरीब, मझोले, किसानों और खेत मजदूरों को 60 वर्ष की उम्र के बाद पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलनी चाहिए। किसान हितैषी सर्वसमावेशी फसल बीमा योजना लागू की जाए। जिसके तहत फसल आय में घाटा, परिवार का स्वास्थ्य बीमा और पशु बीमा शामिल होना चाहिए। उत्तराखंड में वनाधिकार कानून को शीघ्र लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि जंगली जानवर काश्तकारों की फसल, जान-माल को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिए सरकार प्रभावी कदम उठाए। साथ ही जंगली जानवरों द्वारा की गई फसल और पशु क्षति के लंबित मामलों का अविलंब भुगतान होना चाहिए। भविष्य में अधिकतम एक वर्ष के भीतर ऐसे मामलों का निस्तारण करने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। पशुओं से फसल को बचाने के लिए कृषि भूमि की भी घेराबंदी भी की जाए।
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सभा की अध्यक्षता आरपी जोशी ने और संचालन जिला सचिव दिनेश पांडे ने किया। धरने पर आरसी उपाध्याय, ईश्वर जोशी, ऊर्बादत्त, हेमा अधिकारी, सावित्री, कमला जोशी, रीतू नयाल, प्रेमा जड़ौत, मुन्नी प्रसाद, सुनीता पांडे, युसूफ तिवारी, अरुण जोशी, नंदाबल्लभ जोशी, नरगिस, राधा नेगी, हीरा देवी, जगदीश सिंह रावत, योगेश कुमार, ध्रुव टम्टा, नलिनी पंत, दीपा तिवारी, हेमा अधिकारी, सावित्री, रीतू रावत, आनंदी मेहरा, विजय लक्ष्मी, नीमा जोशी, आयशा बेगम, सुशील तिवारी, देवेंद्र फर्त्याल आदि शामिल हुए। बाद में 575 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।
धरना स्थल पर हुई सत्याग्रह सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुरूप सभी फसलों की लागत मूल्य का डेढ़ गुना भाव किसानों को दिया जाए। गरीब, मझोले, किसानों और खेत मजदूरों को 60 वर्ष की उम्र के बाद पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलनी चाहिए। किसान हितैषी सर्वसमावेशी फसल बीमा योजना लागू की जाए। जिसके तहत फसल आय में घाटा, परिवार का स्वास्थ्य बीमा और पशु बीमा शामिल होना चाहिए। उत्तराखंड में वनाधिकार कानून को शीघ्र लागू किया जाए।
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उन्होंने कहा कि जंगली जानवर काश्तकारों की फसल, जान-माल को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिए सरकार प्रभावी कदम उठाए। साथ ही जंगली जानवरों द्वारा की गई फसल और पशु क्षति के लंबित मामलों का अविलंब भुगतान होना चाहिए। भविष्य में अधिकतम एक वर्ष के भीतर ऐसे मामलों का निस्तारण करने की व्यवस्था सुनिश्चित हो। पशुओं से फसल को बचाने के लिए कृषि भूमि की भी घेराबंदी भी की जाए।
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सभा की अध्यक्षता आरपी जोशी ने और संचालन जिला सचिव दिनेश पांडे ने किया। धरने पर आरसी उपाध्याय, ईश्वर जोशी, ऊर्बादत्त, हेमा अधिकारी, सावित्री, कमला जोशी, रीतू नयाल, प्रेमा जड़ौत, मुन्नी प्रसाद, सुनीता पांडे, युसूफ तिवारी, अरुण जोशी, नंदाबल्लभ जोशी, नरगिस, राधा नेगी, हीरा देवी, जगदीश सिंह रावत, योगेश कुमार, ध्रुव टम्टा, नलिनी पंत, दीपा तिवारी, हेमा अधिकारी, सावित्री, रीतू रावत, आनंदी मेहरा, विजय लक्ष्मी, नीमा जोशी, आयशा बेगम, सुशील तिवारी, देवेंद्र फर्त्याल आदि शामिल हुए। बाद में 575 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया।