{"_id":"5b0060564f1c1bdf408b6809","slug":"101526751318-almora-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अल्मोड़ा में ही अटक गया सुमित्रानंदन पंत के नाम से मंजूर संग्रहालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अल्मोड़ा में ही अटक गया सुमित्रानंदन पंत के नाम से मंजूर संग्रहालय
Updated Sat, 19 May 2018 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। कविवर सुमित्रानंदन पंत के निधन के बाद 1979 में तत्कालीन उप्र सरकार ने उनके कौसानी स्थित पैतृक घर में संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की, लेकिन उनके घर पर किराए पर रहने वाले एक व्यक्ति ने विवाद के चलते अपना सामान हटाने से इंकार कर दिया। जिससे कविवर सुमित्रानंदन पंत के नाम से मंजूर संग्रहालय अल्मोड़ा में ही अटक कर रह गया। फिर इस संग्रहालय को अल्मोड़ा स्थापित कर दिया गया। आज अब यह राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के नाम से जाना जाता है।
कविवर पंत के घर से संबंधित विवाद खत्म हो जाने के बाद 1987 में राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के अधीन ही कौसानी में उनके पैतृक घर पर सुमित्रानंदन पंत वीथिका स्थापित की गई। वीथिका में कविवर पंत को मिले सम्मान पत्र, उनकी जन्म कुंडली, उनके जीवन से जुड़े छाया चित्र, उनके द्वारा प्रयोग की गई कुर्सी मेज, चश्मा, अटैची, चादर आदि सामान रखा गया है। सुमित्रानंदन पंत के जन्मदिन पर हर साल वीथिका में एक कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा है।
संस्कृति विभाग ने 2008 में कविवर पंत के जीर्ण हो चुके पैतृक घर (वीथिका) के भवन का जीर्णोद्धार कराया पर निर्माण एजेंसी ने काम इतना घटिया किया कि भवन की छत से पानी टपकता है। आज भी इस भवन की हालत काफी खराब है। इधर राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के प्रभारी ज्ञान प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर पंत वीथिका के पुनर्निर्माण के लिए 52 लाख का आगणन बनाकर शासन को भेज दिया गया है। फिलहाल इसे मंजूरी का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कविवर पंत के घर से संबंधित विवाद खत्म हो जाने के बाद 1987 में राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के अधीन ही कौसानी में उनके पैतृक घर पर सुमित्रानंदन पंत वीथिका स्थापित की गई। वीथिका में कविवर पंत को मिले सम्मान पत्र, उनकी जन्म कुंडली, उनके जीवन से जुड़े छाया चित्र, उनके द्वारा प्रयोग की गई कुर्सी मेज, चश्मा, अटैची, चादर आदि सामान रखा गया है। सुमित्रानंदन पंत के जन्मदिन पर हर साल वीथिका में एक कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा है।
विज्ञापन
संस्कृति विभाग ने 2008 में कविवर पंत के जीर्ण हो चुके पैतृक घर (वीथिका) के भवन का जीर्णोद्धार कराया पर निर्माण एजेंसी ने काम इतना घटिया किया कि भवन की छत से पानी टपकता है। आज भी इस भवन की हालत काफी खराब है। इधर राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा के प्रभारी ज्ञान प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर पंत वीथिका के पुनर्निर्माण के लिए 52 लाख का आगणन बनाकर शासन को भेज दिया गया है। फिलहाल इसे मंजूरी का इंतजार है।
विज्ञापन